इंदौर का ‘करोड़पति भिखारी’ मामला: नया मोड़
20.jan..इंदौर में ‘करोड़पति भिखारी’ कहे जा रहे मांगीलाल को लेकर चर्चा तेज है। हाल ही में प्रशासन की कार्रवाई के बाद यह मामला सुर्खियों में आया, जिसमें मांगीलाल की संपत्ति को लेकर चौंकाने वाले दावे सामने आए।.प्रशासन का कहना है कि जांच में मांगीलाल के पास कई मकान, एक ऑटो और एक कार होने की जानकारी मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय से वह सार्वजनिक स्थानों पर भिक्षावृत्ति करता दिख रहा था, जबकि उसके पास पर्याप्त संपत्ति मौजूद है। इसी आधार पर उसे ‘करोड़पति भिखारी’ कहा जा रहा है।.मांगीलाल के परिजनों ने प्रशासन के दावों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वह भिखारी नहीं है, बल्कि सर्राफा बाजार में दिए गए ब्याज के पैसे वसूलने जाया करता था। परिजनों के अनुसार, लोगों को भ्रम इसलिए हुआ क्योंकि वह साधारण कपड़ों में रहता और सार्वजनिक स्थानों पर बैठा नजर आता था।.परिजनों का दावा है कि जिन मकानों को प्रशासन मांगीलाल का बता रहा है, वे पुश्तैनी हैं और संयुक्त परिवार के नाम पर दर्ज हैं। उनका कहना है कि इन्हें मांगीलाल की निजी कमाई से जोड़ना गलत है।.प्रशासन जहां आय के स्रोतों की जांच की बात कर रहा है, वहीं परिवार का कहना है कि मांगीलाल ने वर्षों पहले सर्राफा कारोबार से जुड़े लोगों को ब्याज पर पैसे दिए थे, जिसकी वसूली वह खुद करता था।.फिलहाल प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के संकेत दिए हैं। संपत्ति के दस्तावेज, आय के स्रोत और भिक्षावृत्ति के आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है।.जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मांगीलाल वास्तव में ‘करोड़पति भिखारी’ है या उसे गलतफहमी के चलते इस नाम से जोड़ा गया। मामला अभी खुला है और सभी की नजरें प्रशासन की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।

