इलाज से पहले इम्तिहान: AIIMS दिल्ली में मरीजों की पीड़ा
3.. jan..नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े और भरोसेमंद सरकारी अस्पताल AIIMS दिल्ली में इलाज पाने की उम्मीद लेकर आने वाले मरीजों को पहले एक कठिन इम्तिहान से गुजरना पड़ता है। दूर-दराज़ के गांवों और छोटे शहरों से आए मरीज और उनके परिजन घंटों नहीं, बल्कि कई-कई दिन तक लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। पंजीकरण काउंटर से लेकर OPD तक लंबी कतारें आम दृश्य बन चुकी हैं।
सुबह तड़के अस्पताल परिसर में बुज़ुर्ग मरीज, गोद में बच्चों को लिए महिलाएं और स्ट्रेचर पर पड़े गंभीर रोगी अपनी बारी का इंतजार करते दिख जाते हैं। कई मरीज खुले आसमान के नीचे रात गुज़ारते हैं, तो कई फर्श पर बैठे-बैठे थकान और दर्द से जूझते रहते हैं। इलाज शुरू होने से पहले की यह जद्दोजहद किसी परीक्षा से कम नहीं लगती।
हालात ऐसे हैं कि कई मरीजों की तबीयत लाइन में खड़े-खड़े बिगड़ जाती है। परिजन बेबस आंखों से सिस्टम को कोसते नज़र आते हैं। AIIMS प्रशासन समय-समय पर व्यवस्थाओं में सुधार की बात करता है, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के आगे इंतज़ाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।
इन तस्वीरों और हालात को देखकर किसी की भी आंखें नम हो सकती हैं। सवाल यही है कि क्या इलाज से पहले यह इम्तिहान वाकई ज़रूरी है?

