ऑपरेशन सिंदूर बना भरोसे का प्रतीक
15..jan..नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर भरोसे का प्रमाण बन चुका है’ और यह देश की सुरक्षा, मानवीय संवेदनशीलता तथा सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने यह बात एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही, जहां उन्होंने ऑपरेशन की सफलता और उसके व्यापक प्रभावों पर प्रकाश डाला।
रक्षामंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य या प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि सरकार और सुरक्षा बलों के बीच समन्वय, जनविश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है। इस अभियान के माध्यम से यह सिद्ध हुआ है कि संकट की घड़ी में देश की संस्थाएं त्वरित, प्रभावी और संवेदनशील निर्णय लेने में सक्षम हैं।
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत तय समयसीमा में लक्ष्यों को प्राप्त किया गया और यह सुनिश्चित किया गया कि आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो। रक्षामंत्री ने सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और संबंधित एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके पेशेवर कौशल और अनुशासन के कारण ही यह अभियान सफल हो सका।
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि ऐसे अभियानों से देशवासियों का भरोसा मजबूत होता है और यह संदेश जाता है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की सुरक्षा नीति केवल प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
अपने संबोधन के अंत में रक्षामंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आने वाले समय में एक उदाहरण के रूप में याद किया जाएगा, जो यह दर्शाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, स्पष्ट रणनीति और जनहित के प्रति संवेदनशीलता से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है।

