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कर्तव्य पथ पर EU सैन्य दल की ऐतिहासिक भागीदारी

26..jan..नई दिल्ली। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर इस वर्ष एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब यूरोपीय संघ (EU) का सैन्य दल परेड में शामिल हुआ। यह पहली बार था जब यूरोपीय संघ ने सामूहिक रूप से भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में सैन्य भागीदारी की, जिसे भारत–EU संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

यूरोपीय संघ के इस सैन्य दल का नेतृत्व कर्नल फ्रेडरिक साइमन स्प्रुइट ने किया। वे यूरोपीय संघ मिलिट्री स्टाफ (EUMS) के डायरेक्टर जनरल की ओर से एक सेरेमोनियल जिप्सी में सवार होकर परेड का हिस्सा बने। उनकी उपस्थिति ने परेड को अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कूटनीतिक सौहार्द का मजबूत संदेश दिया।

EU सैन्य दल में विभिन्न यूरोपीय देशों के प्रशिक्षित सैनिक शामिल थे, जिन्होंने अनुशासन, एकरूपता और समन्वय का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनकी परेड ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को रेखांकित किया। यह भागीदारी भारत और यूरोपीय संघ के बीच रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को भी दर्शाती है।

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विदेशी मेहमानों और हजारों दर्शकों ने परेड का अवलोकन किया। EU दल की सहभागिता को दोनों पक्षों के बीच बढ़ते राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारत और यूरोपीय संघ के बीच रक्षा संवाद को और मजबूत करेगा तथा भविष्य में संयुक्त सैन्य अभ्यास, सुरक्षा सहयोग और वैश्विक शांति अभियानों में साझेदारी की संभावनाओं को बढ़ाएगा। कुल मिलाकर, 77वें गणतंत्र दिवस पर EU सैन्य दल की मौजूदगी ने समारोह को अंतरराष्ट्रीय रंग देते हुए भारत की कूटनीतिक सफलता को उजागर किया

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