जम्मू-कश्मीर में ड्रोन की घुसपैठ बढ़ी, सेना हाई अलर्ट पर
16 ,जनवरी जम्मू-कश्मीर : गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) और नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव बढ़ गया है। गुरुवार शाम पुंछ और सांबा जिलों के रामगढ़ सेक्टर में पाकिस्तानी ड्रोन मंडराते देखे गए, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए भारतीय सेना ने अपने एंटी-अनमैन्ड एरियल सिस्टम को सक्रिय कर दिया है और पूरी सीमा पर जवानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पिछले पांच दिनों में ड्रोन दिखने की यह तीसरी बड़ी घटना है। 11 जनवरी को नौशेरा, रियासी, सांबा और पुंछ के मंकोट सेक्टर में एक साथ पांच ड्रोन स्पॉट किए गए थे। 13 जनवरी को राजौरी जिले में संदिग्ध ड्रोन नजर आने पर सेना ने फायरिंग की, जिसके बाद ड्रोन PoK की ओर लौट गए। वहीं 15 जनवरी को पुंछ में LoC पोस्ट के पास और सांबा के चक बबरल गांव के ऊपर शाम करीब 7:15 बजे ड्रोन जैसी गतिविधि देखी गई।सुरक्षा बलों को आशंका है कि पाकिस्तान इन ड्रोन का इस्तेमाल भारतीय सेना की पोजीशन की रेकी करने या घुसपैठियों के लिए हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थ गिराने के लिए कर रहा है। 9 जनवरी को सांबा के पालूरा गांव में ड्रोन के जरिए गिराई गई हथियारों की खेप बरामद की गई थी, जिसमें दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड और एक ग्रेनेड शामिल था। इसके अलावा गुरुवार को ही राजौरी के काकोरा गांव में तलाशी अभियान के दौरान तीन किलो वजनी IED बरामद हुआ, जिसे बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया।26 जनवरी को लेकर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरत रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सर्दियों में धुंध का फायदा उठाकर पाकिस्तान इस तरह की गतिविधियां बढ़ाता है, लेकिन LoC पर थर्मल इमेजर्स और आधुनिक रडार सिस्टम के जरिए चौकसी और कड़ी कर दी गई है।

