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जालंधर सिविल अस्पताल में सांझ राहत केंद्र का उद्घाटन, महिलाओं को मिलेगा त्वरित काउंसलिंग और मदद

जालंधर: 5,
जालंधर के सिविल अस्पताल में आज स्पेशल डीजीपी गुरप्रीत देओ ने सांझ राहत केंद्र का उद्घाटन किया। इस मौके पर मेडिकल सुपरिटेंडेंट, पुलिस कमिशनर धनप्रीत कौर सहित पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जालंधर दौरे पर पहुंची स्पेशल डीजीपी का अधिकारियों द्वारा स्वागत भी किया गया।

मीडिया से बातचीत में स्पेशल डीजीपी गुरप्रीत देओ ने बताया कि आज सांझ राहत केंद्र की शुरुआत की गई है, जिसे पंजाब पुलिस, हेल्थ डिपार्टमेंट, स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी और डिस्ट्रिक्ट लीगल अथॉरिटी की अगुवाई में संचालित किया जाएगा। इस केंद्र में महिलाओं पर होने वाले अत्याचार के मामलों के लिए दो काउंसलर तैनात किए गए हैं। केंद्र का संचालन “नई शुरुआत” नामक एनजीओ द्वारा किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में अक्सर महिलाओं के साथ हुए अत्याचार से जुड़े मामले सामने आते हैं, लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण डॉक्टर उन्हें पर्याप्त काउंसलिंग नहीं दे पाते। इसी कमी को पूरा करने के लिए यह केंद्र स्थापित किया गया है, ताकि पीड़ित महिलाओं को मानसिक, सामाजिक और कानूनी सहायता समय पर मिल सके।

स्पेशल डीजीपी ने बताया कि डोमेस्टिक वायलेंस की शिकार महिलाएं बार-बार अस्पताल आती हैं, लेकिन उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाता। ऐसे मामलों में अब यह दो काउंसलर उनकी नियमित काउंसलिंग कर समाधान की दिशा में काम करेंगे। केंद्र में पीड़ित महिलाओं की हर संभव मदद की जाएगी।

उन्होंने जानकारी दी कि इससे पहले मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और लुधियाना में ऐसे ही सांझ राहत केंद्र पहले से चल रहे हैं। वहां 1000 में से करीब 750 मामलों में केस दर्ज किए गए, जिनमें ज़हर खाने (पॉइजन) से जुड़े मामले भी शामिल हैं। काउंसलिंग के जरिए महिलाओं से बातचीत कर उन्हें फिर से अपने पैरों पर खड़ा करने की कोशिश की जा रही है।

इस केंद्र में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम मिलकर काम करेगी। सांझ राहत केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहेगा। सिविल अस्पताल में आने वाली पीड़ित महिलाओं के साथ-साथ बाहर से आने वाली महिलाएं भी यहां काउंसलिंग ले सकेंगी।

स्पेशल डीजीपी ने बताया कि अब तक कई मामलों का समाधान किया जा चुका है। काउंसलर जरूरत पड़ने पर थानों में जाकर विजिट करेंगी और पीड़ित महिलाओं के घर जाकर भी मामलों की जांच व सहायता करेंगी।

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