पटाखों पर बयान: मेनका गांधी की सख्त टिप्पणी
5.. JAN..दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता मेनका गांधी ने पटाखों के इस्तेमाल को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग पटाखे जलाते हैं, उन्हें “देशद्रोही” कहने के अलावा उनके पास कोई दूसरा शब्द नहीं है। मेनका गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
मेनका गांधी ने कहा कि दिवाली, दशहरा, शादियों, नए साल, क्रिकेट मैचों या किसी भी अन्य अवसर पर पटाखे जलाने से गंभीर वायु प्रदूषण फैलता है। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि पटाखों की वजह से हवा इतनी जहरीली हो जाती है कि लोगों के लिए ठीक से सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को इसका सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब देश पहले से ही प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है, तब इस तरह की गतिविधियां गैर-जिम्मेदाराना हैं। मेनका गांधी ने सवाल उठाया कि जब वैज्ञानिक, डॉक्टर और पर्यावरणविद लगातार चेतावनी दे रहे हैं, तब भी लोग अपनी आदतें बदलने को तैयार क्यों नहीं हैं।
उनके इस बयान पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने पर्यावरण और स्वास्थ्य के मुद्दे पर उनकी चिंता का समर्थन किया है, जबकि कुछ ने शब्दों की कठोरता पर आपत्ति जताई है। हालांकि, यह बयान एक बार फिर पटाखों से होने वाले प्रदूषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के मुद्दे को केंद्र में ले आया है।


