पहाड़ से मैदान तक ठंड का कहर, जनजीवन बेहाल
27.दिसंबर.उत्तर भारत में पहाड़ से लेकर मैदान तक कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहाड़ी राज्यों में लगातार बर्फबारी और शीतलहर का असर अब मैदानी इलाकों में भी साफ दिखाई देने लगा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात के कारण तापमान शून्य से नीचे चला गया है, वहीं मैदानी राज्यों में सर्द हवाओं और कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है।
दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा में न्यूनतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे दर्ज किया जा रहा है। सुबह और रात के समय घना कोहरा छाने से दृश्यता काफी कम हो गई है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर पड़ा है। कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जबकि कुछ उड़ानों को रद्द या डायवर्ट करना पड़ा है।

ठंड के बढ़ते प्रकोप का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और गरीब तबके पर पड़ रहा है। बेघर लोगों के लिए रातें काटना मुश्किल हो गया है। प्रशासन की ओर से रैन बसेरे, अलाव और कंबल वितरण की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन ठंड की तीव्रता को देखते हुए यह प्रयास अभी अपर्याप्त नजर आ रहे हैं। अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। पहाड़ी इलाकों में और बर्फबारी तथा मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर और कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि पाला पड़ने से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
कुल मिलाकर पहाड़ से मैदान तक ठंड का यह कहर सामान्य जनजीवन, परिवहन और स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और ठंड से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतें।

