फर्रुखाबाद: वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की मांग, SIR में साधुओं का नाम कटने पर उठी आपत्ति
26..दिसंबर..फर्रुखाबाद जनपद में मतदाता सूची से साधु-संतों के नाम कटने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। साधु-संतों और सामाजिक संगठनों ने वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की मांग करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की है। उनका कहना है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में साधुओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
साधु-संतों का तर्क है कि संत दीक्षा के बाद नाम बदलना एक धार्मिक परंपरा है। दीक्षा के समय व्यक्ति अपना पूर्व नाम त्याग कर नया आध्यात्मिक नाम धारण करता है। इसी नाम से वे समाज में पहचाने जाते हैं, लेकिन आधार, राशन कार्ड या पुराने दस्तावेजों में पूर्व नाम दर्ज होने के कारण SIR प्रक्रिया में उन्हें अपात्र मान लिया गया। इससे वास्तविक मतदाता होने के बावजूद उनके नाम काट दिए गए।
स्थानीय संत समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे वर्षों से फर्रुखाबाद में रह रहे हैं और मतदान करते आए हैं। अचानक नाम हटाए जाने से उनमें नाराजगी है। उन्होंने मांग की है कि नाम परिवर्तन को आधार बनाकर किसी का वोटिंग अधिकार न छीना जाए और वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर नाम पुनः जोड़े जाएं।
इस मुद्दे पर प्रशासन का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने के लिए नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। जिन लोगों के नाम कटे हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, संत समाज का कहना है कि प्रक्रिया को सरल बनाया जाए और धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए विशेष छूट दी जाए।
फिलहाल, यह मामला जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर प्रशासनिक निर्णय की उम्मीद की जा रही है।

