बीएमसी चुनाव में मराठी अस्मिता का मुद्दा गरमाया, राज ठाकरे की पार्टी के नेता के पोस्ट से सियासी हलचल
25.दिसंबर….मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में मराठी अस्मिता का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) से जुड़े एक नेता के सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। पोस्ट में कथित तौर पर मराठी पहचान और अधिकारों को लेकर सख्त भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिसे विपक्षी दलों ने धमकी भरा और भड़काऊ करार दिया है।
राज ठाकरे की पार्टी लंबे समय से मराठी मानुस और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही है। चुनावी माहौल में इस तरह के पोस्ट को मनसे की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे मराठी मतदाताओं को एकजुट किया जा सके। हालांकि, सत्ताधारी और अन्य विपक्षी दलों ने इस बयानबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है।
विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन और चुनाव आयोग भी सतर्क नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ा दी गई है और भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीएमसी चुनाव में मराठी अस्मिता का मुद्दा एक बार फिर अहम भूमिका निभा सकता है, लेकिन तीखी भाषा चुनावी माहौल को और तनावपूर्ण बना सकती है।

