बुद्ध की धरती से 2026 का संदेश
3.. jan..दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2026 के अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम के अवसर पर भगवान बुद्ध को नमन करते हुए विश्व शांति, समृद्धि और सद्भाव की कामना की। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि नए वर्ष का पहला सार्वजनिक कार्यक्रम भगवान बुद्ध के चरणों से प्रारंभ हो रहा है। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भगवान बुद्ध के आशीर्वाद से वर्ष 2026 पूरी दुनिया के लिए सकारात्मक बदलाव और शांति का संदेश लेकर आएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बुद्ध के विचार आज भी मानवता को करुणा, अहिंसा और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में बुद्ध के संदेश और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं, जब दुनिया कई चुनौतियों और संघर्षों का सामना कर रही है। ऐसे समय में शांति और संवाद ही स्थायी समाधान का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत सदैव से विश्व को शांति और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाता रहा है। भगवान बुद्ध की शिक्षाएं भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं, जो न केवल देश बल्कि पूरे विश्व को जोड़ने का कार्य करती हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे बुद्ध के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में योगदान दें।
प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में कामना की कि वर्ष 2026 वैश्विक सहयोग, आपसी विश्वास और मानव कल्याण का नया अध्याय लिखे। उन्होंने कहा कि भारत विश्व समुदाय के साथ मिलकर शांति और समृद्धि की दिशा में निरंतर कार्य करता रहेगा।

