Punjab

बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश: चुनाव ड्यूटी पर कोर्ट स्टाफ नहीं जाएगा, देर रात चीफ जस्टिस के आवास पर हुई सुनवाई

31.दिसंबर…मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश जारी करते हुए कहा है कि अदालतों से जुड़े स्टाफ को चुनावी ड्यूटी में नहीं लगाया जाएगा। यह आदेश उस समय पारित किया गया, जब चुनाव कार्यों में कोर्ट कर्मचारियों की तैनाती को लेकर गंभीर आपत्तियां सामने आईं और मामला देर रात तक पहुंच गया।

जानकारी के अनुसार, यह आदेश इन-चार्ज चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट, एस्प्लेनेड, मुंबई और बॉम्बे हाईकोर्ट के एक रजिस्ट्रार द्वारा पहले ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC), जिला कलेक्टर और अन्य संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट किए जाने के बावजूद जारी करना पड़ा। इन अधिकारियों ने अपने पत्र में कहा था कि कोर्ट स्टाफ को न्यायिक कार्यों के अलावा किसी अन्य प्रशासनिक या चुनावी ड्यूटी में नहीं लगाया जाना चाहिए, क्योंकि इससे न्यायिक कामकाज प्रभावित होता है।

इसके बावजूद जब चुनाव ड्यूटी के लिए कोर्ट कर्मचारियों को बुलाने की प्रक्रिया जारी रही, तो मामला गंभीर हो गया। इसके बाद देर रात बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के आवास पर आपात सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि न्यायिक संस्थानों की स्वतंत्रता और सुचारु कार्यप्रणाली बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि कोर्ट स्टाफ की प्राथमिक जिम्मेदारी न्यायिक कार्यों को समय पर और प्रभावी ढंग से पूरा करना है। चुनाव जैसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक कार्य भी जरूरी हैं, लेकिन इसके लिए वैकल्पिक प्रशासनिक स्टाफ की व्यवस्था की जानी चाहिए। कोर्ट कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी में लगाने से मामलों की सुनवाई, आदेशों की तामील और न्यायिक प्रक्रिया बाधित हो सकती है।

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल देखी जा रही है। माना जा रहा है कि अब चुनाव अधिकारियों को तुरंत वैकल्पिक कर्मचारियों की व्यवस्था करनी होगी। साथ ही यह आदेश भविष्य में भी एक मिसाल के तौर पर देखा जाएगा, जिससे न्यायिक व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच स्पष्ट सीमा तय हो सके।

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