भारत हिंदू‑मुस्लिम समस्या का सामना कांग्रेस की वजह से कर रहा है”: नितिन गडकरी
23 दिसंबर..नई दिल्ली — केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि भारत आज भी समाज में हिंदू‑मुस्लिम समस्याओं का सामना इसलिए कर रहा है क्योंकि कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता की सोच और वोट‑बैंक राजनीति ने इस विभाजन को जन्म दिया। उन्होंने यह बयान एक कार्यक्रम में दिया, जहाँ उन्होंने “सेक्युलर” शब्द का अर्थ समझाते हुए कहा कि इसका वास्तविक हिन्दी अर्थ “सर्व धर्म समभाव” और अंग्रेजी में “सबके लिए न्याय, किसी का तुष्टिकरण नहीं” है, न कि वह अर्थ जिसे कांग्रेस ने अपनाया। गडकरी का दावा है कि 1947 के बाद सत्ता में रहने पर कांग्रेस ने अपनी विचारधारा के अनुसार नीतियाँ बनाईं और “बीज बोए,” जिससे हिंदू‑मुस्लिम विभाजन की जड़ें मजबूत हुईं, और यह समस्या आज तक जारी है।
गडकरी ने कहा कि कांग्रेस के “सेक्युलरवाद” की व्याख्या और उसकी वोट‑बैंक राजनीति ने सामाजिक मुद्दों को जन्म दिया, जो अब भी देश के सामने हैं। उन्होंने कहा कि शब्द “धर्मनिरपेक्षता” की गलत व्याख्या ने राजनीति में समस्याएँ पैदा कीं, जिनका असर आज भी दिखाई देता है। गडकरी ने यह भी कहा कि भारत एक वास्तविक सेक्युलर देश है और रहेगा, न कि किसी विशेष पार्टी या विचारधारा का परिणाम।
उन्होंने इतिहास से सीख लेने पर जोर देते हुए कहा कि पिछले “गलतियों” को समझकर भविष्य में उन्हें दोहराया नहीं जाना चाहिए। गडकरी ने भारतीय संस्कृति, हिंदू एवं सनातन संस्कृति का हवाला देते हुए कहा कि यह सभ्यता सभी धर्मों के प्रति सम्मान और सहअस्तित्व की बात करती है।
उनके बयान पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) जैसे राजनीतिक दलों ने भी समर्थन किया है, जबकि विपक्षी दलों ने इस टिप्पणी पर विविध प्रतिक्रियाएँ दी हैं।

