भारत–EU रिश्तों में नया अध्याय
25..jan..यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का भारत दौरा भारत–यूरोपीय संघ (EU) संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 26 जनवरी 2026 को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उनकी और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष की संयुक्त मौजूदगी दोनों पक्षों के बीच बढ़ते रणनीतिक विश्वास को दर्शाती है।.गणतंत्र दिवस जैसे प्रतीकात्मक अवसर पर EU नेतृत्व की भागीदारी वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और यूरोपीय संघ Indo-Pacific क्षेत्र में स्थिरता, नियम-आधारित व्यवस्था और बहुपक्षवाद को लेकर साझा दृष्टिकोण रखते हैं।.यात्रा के दौरान भारत–EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर प्रगति, आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण और निवेश सहयोग प्रमुख एजेंडा रहने की संभावना है। दोनों पक्ष डिजिटल व्यापार, स्टार्टअप सहयोग और एमएसएमई सेक्टर में साझेदारी को नई दिशा देने पर विचार कर सकते हैं।.जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए स्वच्छ ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और टिकाऊ विकास पर सहयोग इस दौरे का अहम हिस्सा होगा। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में तकनीकी साझेदारी पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।.वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत और EU लोकतांत्रिक मूल्यों, अंतरराष्ट्रीय कानून और शांति बनाए रखने को लेकर एक-दूसरे के स्वाभाविक साझेदार बनकर उभर रहे हैं। रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर भी वार्ता संभव है।.उर्सुला वॉन डेर लेयेन का यह दौरा केवल औपचारिक कूटनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत–EU संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के अगले स्तर पर ले जाने की दिशा में एक मजबूत संकेत माना जा रहा है।

