ममदानी के पत्र पर सियासी घमासान, उमर खालिद के मामले से जोड़ा गया नाम
2.. JAN..न्यूयॉर्क सिटी की राजनीति से जुड़ा एक पत्र इन दिनों अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है। सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद के दावेदार और प्रगतिशील नेता जोहरान ममदानी के एक “खास लेटर” का संबंध भारत में जेल में बंद छात्र नेता उमर खालिद के मामले से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, इस दावे को लेकर तथ्य और व्याख्याएं अलग-अलग सामने आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि यह पत्र मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर लिखा गया था, जिसमें भारत समेत कई देशों में असहमति की आवाज़ों पर कार्रवाई को लेकर चिंता जताई गई थी। समर्थकों का कहना है कि ममदानी ने यह पत्र एक वैश्विक नागरिक के तौर पर लिखा, न कि किसी कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से। वहीं आलोचकों का आरोप है कि इस पत्र को कुछ समूहों ने उमर खालिद के मामले से जोड़कर राजनीतिक रंग दे दिया।
उमर खालिद लंबे समय से एक संवेदनशील कानूनी मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी विदेशी नेता या जनप्रतिनिधि का पत्र सीधे तौर पर किसी देश की न्यायिक प्रक्रिया को तय नहीं करता। इसके बावजूद, यह मुद्दा इसलिए चर्चा में है क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति, मानवाधिकार और घरेलू कानून व्यवस्था के टकराव की बहस फिर तेज हो गई है।
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद की दौड़ में शामिल ममदानी ने स्पष्ट किया है कि उनका पत्र किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं था। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर संवाद जरूरी है, लेकिन कानूनी फैसले स्वतंत्र संस्थाओं पर छोड़े जाने चाहिए।
यह पूरा मामला फिलहाल आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच उलझा हुआ है।

