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माइनोरिटी के तत्काल पासपोर्ट नहीं हो रहे जारी, एडवोकट हरप्रीत ने मामला अल्पसंख्यक कमीशन के सामने उठाया

अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन इकबाल सिंह लालपुरा ने दिए जांच के आदेश

जालंधर, मई : भारत में अल्पसंख्यकों के जनहित के संबंध में भारत सरकार के विदेश मंत्रलय के पासपोर्ट जारी करने की तत्काल योजना को लेकर बड़ा मुद्दा बन गया है। पासपोर्ट अधिकारियों पर आरोप है कि वह अल्पसंख्यकों व खास तौर पर पंजाब में रहने वाले सिखों को तत्काल पासपोर्ट सेवा प्रदान नहीं कर रही है। जिससे सिख समुदाय में खासा रोष पाया जा रहा है। इस संबंध में एडवोकेट हरप्रीत सिंह आजाद ने एक शिकायत अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन इकबाल सिंह लालपुरा को भेजी है और आयोग ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। एडवोकेट हरप्रीत सिंह का कहना है कि मैंने एआरएन 23-0006459036 बैच 9 और अनुक्रम 30 पासपोर्ट सेवा केंद्र जालंधर-2 में के साथ का दौरा किया है। सेवा केंद्र प्रतिनिधि द्वारा दिए गए निर्देश और दिशा-निदेशरें के अनुसार मैं कतार 1 से एपीओ हरि ओम से कमरा 1 में मिला। उन्होंने मेरी फाइल काउंटर नंबर बी-4 पर विजय कुमार को भेज दी। विजय कुमार ने रिपोर्ट फाइल की कि वह मेरे चेहरे और विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा जारी किए गए पहचान प्रमाण से खुद को पहचानने में असमर्थ है और बताया कि तत्काल योजना हमारे लिए उपयुक्त नहीं है। वह मुङो पासपोर्ट जारी करने के लिए सामान्य समय लेने की सलाह देने लगे, जिससे पता चला कि यह तत्काल योजना हमारे लिए नहीं बनी है। हरप्रीत सिंह ने कहा कि अल्पसंख्यकों के साथ इस प्रकार का भेदभाव उचित नहीं है और यह उनके मानवाधिकारों का हनन है। इस संबंध में सरकार और आयोग को तुरंत समीक्षा करनी चाहिए।