राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने डिलीवरी बॉय को घर बुलाकर सुनी समस्याएं, गिग वर्कर्स की हालत पर उठे सवाल
27..dec कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें एक डिलीवरी बॉय ने अपनी आपबीती साझा की थी। वीडियो में उसने बताया था कि उसने करीब 15 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद 28 डिलीवरी पूरी कीं, लेकिन इसके बदले उसे सिर्फ ₹763 की कमाई हुई। यह वीडियो सामने आने के बाद देशभर में गिग इकॉनमी में काम कर रहे डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई, काम के घंटे और उनके अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई थी।
इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने मानवीय पहल करते हुए उस डिलीवरी बॉय को अपने घर लंच पर आमंत्रित किया। राघव चड्ढा ने न सिर्फ उससे मुलाकात की, बल्कि उसकी परेशानियों को ध्यान से सुना और उसके काम से जुड़े अनुभवों पर विस्तार से बातचीत की। डिलीवरी बॉय ने बताया कि लंबे काम के घंटे, तय न्यूनतम आय की कमी, पेट्रोल और मोबाइल डेटा जैसे खर्च, साथ ही किसी तरह की सामाजिक सुरक्षा न होना, उसकी सबसे बड़ी समस्याएं हैं।

राघव चड्ढा ने कहा कि देश में लाखों युवा गिग वर्कर के तौर पर काम कर रहे हैं, लेकिन उनके लिए न तो स्थायी आय की गारंटी है और न ही बीमा या स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार और डिलीवरी प्लेटफॉर्म कंपनियों को मिलकर ऐसी नीतियां बनानी चाहिए, जिससे डिलीवरी बॉय और अन्य गिग वर्कर्स को सम्मानजनक वेतन, सीमित कार्य घंटे और सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
इस मुलाकात के बाद राघव चड्ढा ने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे और गिग वर्कर्स के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग करेंगे। यह पहल सोशल मीडिया पर भी सराही जा रही है और लोगों को उम्मीद है कि इससे डिलीवरी बॉय जैसे लाखों मेहनतकश लोगों की स्थिति में सुधार आएगा।

