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सहानूभूति बना लोकसभा उपचुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा -कांग्रेस व अकाली दल को मिल सकती है बढ़त

  • -आप को देहाती इलाकों में मिल रहा है फीका रिस्पांस
    जालंधर। लोकसभा उपचुनाव में राजनीति पल पल रंग बदल रही है। उपचुनाव में विकास व अन्य मुद्दों को पीछे छोड़ कर सहानूभूति का मुद्दा सबसे ज्यादा गर्मा गया है। सांसद चौधरी संतोख सिंह के निधन के बाद खाली हुई सीट को लेकर आजकल उपचुनाव जोर शोर से गर्मा गया है। सभी पार्टियां अपना पूरा जोर लगा रही हैं। मामला कांटे का फंसा हुआ है।
    मगर इसी बीच अब राजनीति के बोहड़, पांच बार के मुख्यमंत्री, अकाली दल के पूर्व प्रधान प्रकाश सिंह बादल का देहांत हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। पंजाब की राजनीति को बुलंदियों तक पहुंचाने के अलावा अकाली दल को भी अपनी सोच से प्रकाश सिंह बादल ने हमेशा उच्च स्थान पर रखा। पहले चौधरी संतोख सिंह के निधन और अब चुनाव के दौरान प्रकाश सिंह बादल का देहांत होने से सहानूभूति का मुद्दा सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। जिससे वोटों की लहर पूरी तरह से अब कांग्रेस व अकाली दल के हक में बहती दिखाई दे रही है। अगर ऐसा हुआ तो जालंधर लोकसभा उपचुनाव के सारे समीकरण बदल सकते हैं। अकाली दल को इसका खासा फायदा मिल सकता है। दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी की सरकार से देहाती इलाके के लोग खासे नाराज दिखाई दे रहे हैं और उन्हें वहां बेहद फीका रिस्पांस मिल रहा है।