सीएम की पेशी पर सियासी टकराव
13 जनवरी..अकाल तख्त साहिब के सामने मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रस्तावित पेशी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। श्री अकाल तख्त की ओर से मुख्यमंत्री को 15 जनवरी की शाम का समय दिया गया था, लेकिन सीएम मान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सुबह 10 बजे ही पेश होंगे। इस समय परिवर्तन को लेकर धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, श्री अकाल तख्त ने मर्यादा और परंपरा का हवाला देते हुए शाम का समय तय किया था, ताकि पूरे विधि-विधान के साथ पेशी संपन्न कराई जा सके। वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि उनके आधिकारिक कार्यक्रम पहले से तय हैं और वह केवल सुबह के समय ही उपस्थित हो सकते हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि उन्हें अकाल तख्त की सर्वोच्चता पर पूरा सम्मान है, लेकिन समय को लेकर व्यावहारिक कठिनाइयों को भी समझा जाना चाहिए।
इस मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल और अन्य सिख संगठनों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि अकाल तख्त के आदेशों में बदलाव की शर्त रखना अनुचित है और इससे सिख परंपराओं की अवहेलना का संदेश जाता है। विपक्षी दलों ने भी आम आदमी पार्टी सरकार पर धार्मिक मामलों में राजनीति करने का आरोप लगाया है।
वहीं आम आदमी पार्टी के नेताओं का तर्क है कि मुख्यमंत्री किसी भी तरह से अकाल तख्त के आदेशों को चुनौती नहीं दे रहे हैं, बल्कि केवल समय को लेकर अपनी सहमति जता रहे हैं। पार्टी का कहना है कि सीएम मान सुबह 10 बजे पहुंचकर पूरी श्रद्धा के साथ अपनी बात रखेंगे।
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि अकाल तख्त इस स्थिति पर क्या रुख अपनाता है और क्या समय को लेकर कोई सहमति बन पाती है या नहीं।

