Lawrence Bishnoi FBI Action: अमेरिका ने लॉरेंस गैंग पर कसा शिकंजा, 24 गैंगस्टर गिरफ्तार, गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर का इनाम

Lawrence Bishnoi FBI Action अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI (Federal Bureau of Investigation) ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 गैंगस्टरों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इसके साथ ही एजेंसी ने फरार गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए 50 हजार डॉलर के इनाम की घोषणा भी की है।
FBI ने संकेत दिए हैं कि वह जल्द ही भारत सरकार से लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया के प्रत्यर्पण (Extradition) का अनुरोध कर सकती है। एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे संयुक्त अभियान का हिस्सा है।
Lawrence Bishnoi FBI Action के तहत 24 गैंगस्टर गिरफ्तार
Lawrence Bishnoi FBI Action के तहत FBI ने अमेरिका, कनाडा और यूरोप की विभिन्न जांच एजेंसियों के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान में भारत से जुड़े 24 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया है।
इसके अलावा 37 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न मामलों में आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट को कमजोर करना और उसके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है।
अधिकारियों का कहना है कि आगे भी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Lawrence Bishnoi FBI Action में हरदीप सिंह निज्जर हत्या मामले का जिक्र
FBI द्वारा दायर आरोप पत्र में दावा किया गया है कि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने कनाडा में खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रची थी।
जांच दस्तावेजों में गैंगस्टर रोहित गोदारा समेत अन्य सहयोगियों का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार पहली बार किसी अमेरिकी जांच दस्तावेज में लॉरेंस बिश्नोई का नाम इस हत्याकांड से औपचारिक रूप से जोड़ा गया है।
यदि अदालत में आरोप सिद्ध होते हैं, तो संबंधित आरोपियों को 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है।
जेल में रहते हुए भी नेटवर्क संचालित करने का आरोप
Lawrence Bishnoi FBI Action से जुड़े आरोप पत्र में कहा गया है कि लॉरेंस बिश्नोई भारत में जेल में बंद रहने के बावजूद अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन करता है।
FBI का दावा है कि उसके सहयोगी भारत, अमेरिका, कनाडा और यूरोप में सक्रिय रहकर टारगेट किलिंग, ड्रग तस्करी, जबरन वसूली और अन्य संगठित अपराधों को अंजाम देते रहे हैं।
जांच एजेंसियां अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की वित्तीय गतिविधियों और अन्य सहयोगियों की भी जांच कर रही हैं।
लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया के प्रत्यर्पण की तैयारी
अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि भारत सरकार से लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और मामले में कथित रूप से मदद करने वाले पुलिस अधिकारी हुंदरप्रीत सिंह के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया जाएगा।
हालांकि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भारत और अमेरिका के बीच कानूनी समझौतों और न्यायिक प्रक्रियाओं के तहत पूरी की जाएगी। इस संबंध में दोनों देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखा जा रहा है।
गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर का इनाम
Lawrence Bishnoi FBI Action के दौरान FBI ने फरार गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को पकड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
एजेंसी ने गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए 50 हजार अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा की है। अधिकारियों का कहना है कि जो भी व्यक्ति उसकी गिरफ्तारी में सहायक जानकारी देगा, उसे निर्धारित नियमों के अनुसार इनाम दिया जाएगा।
FBI का मानना है कि गोल्डी बराड़ अभी भी अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा है और कई मामलों में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
Lawrence Bishnoi FBI Action अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है। 24 गैंगस्टरों की गिरफ्तारी, 37 आरोपियों पर केस दर्ज होने, गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर के इनाम की घोषणा और लॉरेंस बिश्नोई व जग्गू भगवानपुरिया के संभावित प्रत्यर्पण की तैयारी से यह स्पष्ट है कि जांच एजेंसियां इस नेटवर्क पर सख्ती से कार्रवाई कर रही हैं। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालयों की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।

