14 फुट की बैरक, 1 टीवी, 3 किताबें… तिहाड़ की जेल नंबर 2 में ऐसे कटेंगे CM केजरीवाल के 15 दिन

तिहाड़ का नाम सुनते ही ऊंची-ऊंची दीवारों, कंटीले तारों और हर तरफ पुलिस वालों से घिरी एक ऐसी जगह की तस्वीर जेहन में उभरती है, जहां कोई नहीं जाना चाहता| यही वो जेल है जहां देश के एक से बढ़कर एक छंटे हुए और खूंखार बदमाश रहते हैं|
अब इसी तिहाड़ की जेल नंबर 2 की बैरक में अरविंद केजरीवाल बंद हैं. केजरीवाल को शराब घोटाला मामले में 15 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया है| सोमवार 1 अप्रैल 2024 को शाम के 4:13 बजे अरविंद केजरीवाल ने तिहाड़ में कदम रखा| इसी के साथ 15 अप्रैल तक अरविंद केजरीवाल का नया पता तिहाड़ जेल नंबर-2 हो गया है|
तिहाड़ जेल की जिस बैरक नंबर 2 में अरविंद केजरीवाल को रखा गया है, उसमें कुछ दिनों पहले तक आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह बंद थे| लेकिन फिर उन्हें जेल नंबर 5 में शिफ्ट कर दिया गया| वहीं मनीष सिसोदिया को जेल नंबर 1 में रखा गया है. इसके अलावा इसी केस में चौथी आरोपी के कविता को लेडी जेल नंबर 6 में रखा गया है|केस में एक और आरोपी विजय नायर जेल नंबर 4 में बंद है| वहीं मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को तिहाड़ जेल की 7 नंबर जेल में रखा गया है|
सभी आरोपियों की जेल अगल-बगल हैं, लेकिन कोई भी एक-दूसरे से नहीं मिल सकेगा. उम्मीद कम ही है कि अंदर इनकी कोई बैठक हो पाएगी| क्योंकि एक ही दीवार के पीछे होते हुए भी सभी जुदा होंगे| केजरीवाल ने जेल में अध्ययन के लिए कोर्ट से 3 किताबों की मांग की| केजरीवाल ने रामायण, गीता और नीरजा चौधरी की किताब How Prime Minister Decide की मांग की है. इसके अलावा, जेल में दवा रखने की इजाजत मांगी है| इसके अलावा जेल में मिलने के लिए उन्होंने 6 लोगों ने नाम दिए हैं|
नियमों के मुताबिक जेल में जाने वाला कोई भी कैदी 10 लोगों के नाम जेल प्रशासन को दे सकता है, जिनसे वो जेल में रहते हुए मुलाकात करना चाहता है| इस कड़ी में केजरीवाल ने अभी तक सिर्फ 6 लोगों के नाम तिहाड़ जेल प्रशासन को लिखवाए हैं| नियम यह भी कहता है कि कैदी द्वारा जो भी नाम दिए जाते हैं, वह उन्हें अपने हिसाब से बाद में बदलवा भी सकता है|
केजरीवाल ने दिए ये 6 नाम
-पत्नी सुनीता
-बेटा पुलकित
-बेटी हर्षिता
-दोस्त संदीप पाठक
-पीए विभव कुमार
-एक और दोस्त
हफ्ते में दो वीडियो कॉल कर सकेंगे
सूत्रों के मुताबिक केजरीवाल ने सोमवार की शाम को जेल में घर का खाना खाया| वह हफ्ते में दो वीडियो कॉल कर सकते हैं. पांच मिनट की एक नॉर्मल कॉल रोज केजरीवाल कर सकते हैं| ये कॉल रिकॉर्ड होती है जेल प्रशासन के जरिए. अपने परिवार या जिनका नाम उन्होंने जेल के रजिस्टर में दर्ज कराया, उनसे रोजाना 5 मिनट नॉर्मल कॉल पर बात कर सकते हैं\ केजरीवाल को कोर्ट के आदेश पर ये सुविधाएं दी जा रही हैं|
केजरीवाल को बैरक में होंगी ये व्यवस्थाएं
बता दें कि जिस जेल नंबर 2 की बैरक में केजरीवाल को रखा गया है, वह लगभग 14 फीट लंबी और 8 फीट चौड़ी है| इसमें टॉयलेट भी है| बैरक में एक टीवी होगा, सीमेंट का ऊंचा बनाया हुआ एक चबूतरा है, जिस पर बिछाने के लिए एक चादर दी जाएगी और ओढ़ने के लिए कंबल और एक तकिया दिया जाएगा. इस बैरक में 2 बाल्टियां भी होंगी| एक बाल्टी में पीने का पानी रखा जाता है, एक बाल्टी को नहाने या कपड़ा धोने का पानी रखने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा| साथ ही एक जग भी होगा. इसके अलावा उन्होंने स्पेशल डाइट, टेबल, कुर्सी, दवाइयां, गद्दा, चादर, दो तकिये, दरी और चश्मा भी उपलब्ध कराए जाने की मांग की थी|

आखिर केजरीवाल को जेल नंबर 2 में क्यों रखा गया है?
तिहाड़ की जेल नंबर 2 सजायाफ्ता कैदियों के लिए है| इस जेल में सजा पाए हुए कैदी रहते हैं| सजायाफ्ता कैदियों को कहीं लाने और ले जाने का मुद्दा नहीं रहता| वो अपने बैरेक में ही रहते हैं| इसलिए केजरीवाल की सुरक्षा के लिहाज से इस जेल को मुफीद माना गया है| जेल नंबर दो में एक जनरल एरिया है| इसी में एक बैरेक है, उसी में केजरीवाल को रखा गया है| बैरेक के बाहर 4 सुरक्षाकर्मी हर वक्त तैनात रहेंगे और बैरेक को 24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाएगा|
जेल में टीवी भी देख सकते हैं कैदी
जेल सूत्रों के मुताबिक फिर 3 बजे कैदियों को फिर बाहर खोला जाता है| फिर साढ़े 3 बजे चाय और 2 बिस्किट दिए जाते हैं| फिर शाम 4 बजे अगर कोई वकील मिलना चाहे तो मिल सकता है| फिर शाम साढ़े 5 बजे रात का खाना दिया जाता है, जिसमे दाल, सब्जी, 5 रोटी दी जाती हैं. इस समय भी जो कैदी रोटी नहीं खाना चाहता, वह चावल ले सकता है| फिर साढ़े 6 बजे या 7 बजे जब सूरज ढल जाता है तो सभी कैदियों को सेल में बंद कर दिया जाता है| सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक कैदी टीवी भी देख सकते हैं, जिसमे 18-20 चैनल देखे जा सकते हैं| इनमें न्यूज, मनोरंजन, खेल आदि शामिल हैं| अगर किसी को जेल में कोई शारीरिक दिक्कत होती है तो हर समय डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं|

