जालंधर डबल मर्डर केस: गैंगस्टर जोगा फोल्ड़ीवाल ने ली जिम्मेदारी, सोशल मीडिया पोस्ट से आया नया मोड़

जालंधर डबल मर्डर केस ने अब एक नया और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। जालंधर के न्यू दशमेश नगर में हुए चर्चित डबल मर्डर मामले में विदेश में बैठे गैंगस्टर जोगा फोल्ड़ीवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। गैंगस्टर द्वारा की गई पोस्ट के बाद पुलिस जांच और भी तेज हो गई है तथा पूरे मामले को संगठित अपराध और गैंगवार के एंगल से भी देखा जा रहा है।
जोगा फोल्ड़ीवाल की सोशल मीडिया पोस्ट से मचा हड़कंप
जालंधर डबल मर्डर केस में नया मोड़ तब आया जब गैंगस्टर जोगा फोल्ड़ीवाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की। पोस्ट में उसने दावा किया कि सौरभ और सिमरनजीत पप्पू की हत्या उसके निर्देश पर की गई है।
पोस्ट में लिखा गया कि दोनों मृतकों ने पहले उनके साथी सुखमन बराड़ को नुकसान पहुंचाया था और यह हत्या उसी का परिणाम है। गैंगस्टर ने यह भी दावा किया कि हत्या को अंजाम देने के लिए सुपारी किलर को 15 राउंड गोलियां और एक पिस्टल उपलब्ध करवाई गई थी।
पोस्ट में आगे धमकी भरे अंदाज में यह भी कहा गया कि सौरभ के साथ जुड़े अन्य लोगों की भी बारी आने वाली है। इस पोस्ट के अंत में जोगा फोल्ड़ीवाल और खत्री ग्रुप नवांशहर का नाम लिखा गया था।
न्यू दशमेश नगर में कैसे हुई वारदात?
जालंधर डबल मर्डर केस की घटना बीते शुक्रवार देर रात न्यू दशमेश नगर में हुई थी। गोलीबारी की इस घटना में सिमरनजीत सिंह और सौरभ गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
सिमरनजीत सिंह की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी, जबकि सौरभ ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दो युवकों की मौत के बाद यह मामला डबल मर्डर में बदल गया और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
घटना के बाद पुलिस ने इलाके को सील कर जांच शुरू की और कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए।
पुलिस जांच में सामने आए अहम तथ्य
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह हमला पहले से सुनियोजित था। प्रारंभिक जांच के अनुसार हमलावर पुरानी रंजिश के चलते सिमरनजीत सिंह की लगातार रेकी कर रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि अस्पताल ले जाते समय सिमरनजीत पर हमला किया गया और इसी दौरान सौरभ भी गोलीबारी की चपेट में आ गया। पुलिस ने इस मामले में 7 नामजद आरोपियों की पहचान कर ली है, जबकि 2 अन्य अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी है।
सूत्रों के अनुसार दो युवकों की गिरफ्तारी और हथियार बरामद होने की चर्चा है, लेकिन पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
परिवारों ने पुलिस पर लगाए लापरवाही के आरोप
मृतकों के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवारों का कहना है कि वारदात से एक दिन पहले हुए झगड़े की शिकायत थाना भार्गव कैंप के एएसआई को दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करती तो शायद यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी।
पुरानी दुश्मनी बनी हत्या की वजह?
जालंधर डबल मर्डर केस की जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच कई महीनों से विवाद चल रहा था। कुछ समय पहले हमले में शामिल बताए जा रहे एक आरोपी के पिता को गोली मारी गई थी।
उस मामले में सिमरनजीत सिंह का नाम भी सामने आया था। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
11 जून को एक दुकान पर हुई मारपीट की घटना को भी इसी पुरानी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस इस एंगल पर भी गहन जांच कर रही है।
पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू ने की निष्पक्ष जांच की मांग
जालंधर वेस्ट के दशमेश नगर में हुई इस घटना पर पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट की और हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
रिंकू ने कहा कि यह घटना पंजाब में बिगड़ती कानून व्यवस्था की ओर संकेत करती है। उन्होंने पंजाब सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की।
जालंधर डबल मर्डर केस अब केवल हत्या का मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसमें गैंगस्टर नेटवर्क, पुरानी रंजिश और कानून व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गैंगस्टर जोगा फोल्ड़ीवाल द्वारा जिम्मेदारी लेने के दावे के बाद पुलिस के सामने मामले को जल्द सुलझाने की बड़ी चुनौती है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष इस सनसनीखेज हत्याकांड की पूरी सच्चाई सामने ला सकते हैं।

