जालंधर सड़क हादसा: व्यक्ति की मौत के बाद 4 थाने भटकता रहा परिवार, पुलिस पर गंभीर आरोप
जालंधर सड़क हादसा: व्यक्ति की मौत के बाद 4 थाने भटकता रहा परिवार, परिजनों में भारी रोष

जालंधर सड़क हादसा में गई एक व्यक्ति की जान
जालंधर सड़क हादसा एक बार फिर शहर की कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। जालंधर कुंज के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान सोने लाल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि कैनरा बैंक के बाहर एक छोटे हाथी वाहन की चपेट में आने से उनकी जान चली गई। हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया, जिससे परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
मृतक के बेटे विपुल ने बताया कि उसके पिता जेके कास्टिंग फैक्टरी में ढलाई का काम करते थे और रोजाना की तरह अपने काम पर जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि उनके पिता की मौके पर ही मौत हो गई।
जालंधर सड़क हादसा के बाद पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
जालंधर सड़क हादसा के बाद मृतक के परिवार ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपुल का कहना है कि पिता की मौत के बाद वह न्याय की उम्मीद लेकर पुलिस के पास पहुंचा, लेकिन उसे एक नहीं बल्कि चार अलग-अलग थानों के चक्कर लगाने पड़े।
परिजनों के अनुसार, हर थाने में उन्हें यही कहा गया कि यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इससे परिवार को काफी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।https://yourwebsite.com/jalandhar-sadak-hadsa-vyakti-ki-maut विपुल ने आरोप लगाया कि जब वह मंड थाना पहुंचा और पुलिस कर्मियों से रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की तो एक कर्मचारी ने कथित तौर पर कहा कि वह पहले खाना खाएगा, उसके बाद रिपोर्ट लिखी जाएगी।
इस कथित बयान ने परिवार के गुस्से को और बढ़ा दिया। परिजनों का कहना है कि ऐसी संवेदनशील घटना में पुलिस का रवैया बेहद निराशाजनक रहा।
परिजनों और स्थानीय लोगों में रोष
जालंधर सड़क हादसा को लेकर लोगों ने उठाए सवाल
बस्ती बावा खेल निवासी रोहित ने बताया कि छोटे हाथी में सवार चालक टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया। उनका आरोप है कि घटना के बाद मामले को दबाने और शिकायत दर्ज न करने के लिए परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा सुबह करीब 7 बजे हुआ था, लेकिन इसके बावजूद पीड़ित परिवार को समय पर सहायता नहीं मिली। आरोप है कि वाहन चालक लंबे समय तक इधर-उधर घूमता रहा और घटना के कई घंटे बाद मृतक का शव घटनास्थल से लगभग 3 किलोमीटर दूर बरामद हुआ।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो मामले की जांच और बेहतर तरीके से हो सकती थी। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस का पक्ष भी आया सामने
जालंधर सड़क हादसा मामले में जांच जारी
मामले को लेकर सब इंस्पेक्टर बलबीर सिंह ने बताया कि सड़क हादसे में व्यक्ति की मौत हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चालक घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाने के बजाय रास्ते में ही शव छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, वाहन चालक पहले गैस एजेंसी के मालिक के पास पहुंचा था। वहां से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस और एंबुलेंस टीम ने संभावित मार्गों पर उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान लैदर कॉम्प्लेक्स क्षेत्र के पास शव बरामद हुआ।
पुलिस का कहना है कि संबंधित गैस एजेंसी की गाड़ी को ट्रेस कर लिया गया है और चालक की तलाश जारी है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
जालंधर सड़क हादसा ने एक परिवार से उसका सदस्य छीन लिया है। वहीं, हादसे के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर उठे सवालों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस आरोपी चालक को कब तक गिरफ्तार करती है और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलता है। स्थानीय लोगों और परिजनों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

