ऐतिहासिक बजट की ओर बढ़ता भारत
30..DEC..प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नीति आयोग के वरिष्ठ अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर देश की आर्थिक स्थिति, नीतिगत सुधारों और दीर्घकालिक विकास रणनीति पर गहन चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब आगामी बजट सत्र को लेकर देशभर में बड़ी अपेक्षाएं हैं। सरकार के सूत्रों के अनुसार, इस संवाद का मुख्य उद्देश्य भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ गरीब और मध्यम वर्ग को सीधा लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं को अंतिम रूप देना है।
प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट संदेश रहा है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। “संकल्प से सिद्धि” के मंत्र के साथ सरकार इस बजट को केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे जनजीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाना चाहती है। नीति आयोग के अर्थशास्त्रियों ने रोजगार सृजन, महंगाई नियंत्रण, कृषि सुधार, स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचे में निवेश जैसे अहम मुद्दों पर अपने सुझाव रखे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार के बजट में आयकर ढांचे में राहत, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार और छोटे व्यापारियों व मध्यम वर्ग के लिए आसान ऋण व्यवस्था जैसे कदम देखने को मिल सकते हैं। साथ ही, डिजिटल अर्थव्यवस्था, हरित ऊर्जा और ‘मेक इन इंडिया’ को नई गति देने के लिए ठोस नीतिगत घोषणाएं होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री के समर्थकों का विश्वास है कि यह बजट गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग के लिए नई उम्मीद लेकर आएगा। उनका कहना है कि इस बार का बजट सत्र ऐतिहासिक साबित होगा, क्योंकि इसमें विकास और कल्याण का संतुलित मॉडल देखने को मिलेगा। कई लोग यह भी मान रहे हैं कि इस बजट से देश के गरीब और मध्यम वर्ग पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा होगी, जिससे आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्धि का मार्ग और मजबूत होगा।

