सूरत के छात्रों ने सिगरेट बट रिसाइक्लिंग से शुरू किया इको-फ्रेंडली स्टार्ट-अप
26.दिसंबर.सूरत: सूरत के सर्वाजनिक विश्वविद्यालय के छात्र प्रजापति तन्वी और जय मेहता ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनोखी पहल की है। छात्रों ने सिगरेट के टुकड़ों (बट्स) को रिसाइक्लिंग कर रोजमर्रा के उपयोग के उत्पाद बनाने की परियोजना शुरू की, जिससे न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिली, बल्कि युवाओं में जागरूकता और उद्यमिता की भावना को भी प्रोत्साहन मिला।
इस परियोजना का उद्देश्य सिगरेट के कचरे से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को कम करना और उसे उपयोगी उत्पादों में बदलना है। प्रजापति और जय ने बताया कि सिगरेट बट्स में ऐसे तत्व होते हैं जो लंबे समय तक मिट्टी और जल में विघटित नहीं होते। इसके कारण यह प्राकृतिक संसाधनों के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने इसे इकट्ठा कर, साफ करके और रिसाइक्लिंग प्रक्रिया के माध्यम से टेबल स्टैंड, पेंसिल होल्डर, फ्लावर पॉट जैसे उपयोगी उत्पादों में बदलने की योजना बनाई।

इस पहल को राज्य सरकार ने स्टूडेंट स्टार्ट-अप और इनोवेशन पॉलिसी के तहत समर्थन दिया है। सरकार ने इस परियोजना की सफलता और छात्रों की नवाचार क्षमता को देखते हुए इसे मान्यता दी और इसके विस्तार के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए।
इस इको-फ्रेंडली स्टार्ट-अप में करीब तीस छात्रों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने सिगरेट बट्स एकत्र करने, उन्हें साफ करने और उत्पाद बनाने की प्रक्रिया में हाथ बंटाया। छात्रों की इस सहभागिता ने इसे सिर्फ एक परियोजना तक सीमित न रखकर इसे एक व्यापक आंदोलन में बदल दिया। स्थानीय स्कूल और कॉलेज के छात्र भी इस पहल से जुड़ने लगे हैं और सिगरेट बट्स की जागरूकता अभियान में मदद कर रहे हैं।

प्रजापति तन्वी ने कहा, “हम चाहते हैं कि लोग समझें कि छोटे-छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। सिगरेट बट्स जैसे कचरे को रिसाइक्लिंग कर हम पर्यावरण और समाज दोनों के लिए योगदान दे सकते हैं।” जय मेहता ने जोड़ा कि इस तरह की पहल युवाओं में सस्टेनेबल इनोवेशन की भावना पैदा करती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के छात्र-प्रेरित पहलें न केवल पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान हैं, बल्कि यह सामाजिक जिम्मेदारी और नवाचार के लिए युवाओं को प्रेरित करती हैं।

सूरत के इस स्टार्ट-अप ने साबित किया है कि अगर इच्छाशक्ति और नवाचार साथ हो तो छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।

