पंजाब में कांग्रेस-AAP गठबंधन को लेकर अभी भी फंसा हुआ पेंच, वडिंग और सिद्धू के बाद प्रभारी यादव ने साफ किया अपना रुख
पंजाब में कांग्रेस-AAP गठबंधन को लेकर अभी भी फंसा हुआ पेंच,
वडिंग और सिद्धू के बाद प्रभारी यादव ने साफ किया अपना रुख
वंदे भारत- पंजाब में आम आदमी पार्टी के साथ आईएनडीआईए के गठबंधन को लेकर कांग्रेस का पेंच अभी तक सुलझता दिखाई नहीं दे रहा है। फिलहाल इसे लेकर कांग्रेस हाईकमान भी पशोपेश में है। वजह साफ है , मौजूदा पंजाब कांग्रेस पार्टी के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ही नहीं बल्कि वरिष्ठ नेता नवजोत सिंह सिद्धू भी पंजाब में आप के साथ गठजोड़ के पक्षधर में नहीं है।

वहीं इस पशोपेश के बीच फिलहाल पंजाब प्रभारी दविंदर यादव ने भी इस बारे पार्टी का रुख साफ करते हुए कहा है कि पार्टी हाईकमान इसे लेकर जल्दबाजी में नहीं है। यादव ने कहा कि हाईकमान गठजोड को लेकर कोई भी फैसला जल्दी में लेने की पक्षधर नहीं है।
जनता से विचार-विमर्श करने के बाद होगा अंतिम फैसला
सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब दौरे के दौरान यादव ने साफ किया कि इस बारे कोई भी अंतिम फैसला ब्लाक स्तर के वर्करों व जनता से विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा। यादव ने कहा कि फैसला लागू किए जाने से पहले जनता व वर्करों को नब्ज टटोली जाएगी, वर्करों के साथ विचार-मंथन करने के बाद ही वह अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सोपेंगे। रिपोर्ट के बाद ही हाईकमान कोई फैसला लेगी।
मौके पर ये रहे मौजूद
इससे पहले यादव सुबह सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे। घंटाघर की तरफ एक दर्जन से अधिक कारों के काफिले व सुरक्षा घेरे में सचखंड पहुंचे यादव ने श्री हरिमंदिर साहिब की परिक्रमा भी की। उनके साथ कांग्रेस प्रधान राजा वडिंग, पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी, नवजोत सिंह सिद्धू, डा राजकुमार वेरका, जिला प्रधान अश्वनी कुमार पप्पू, देहाती प्रधान हरप्रताप सिंह अजनाला, योगिंदर पाल ढींगरा, दिनशे बस्सी, रमन बख्शी भी मौजूद थे।

पंजाब में आप से गठबंधन का कांग्रेस को घाटा होगा: सिद्धू
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त प्रभारी दविंदर यादव की मौजूदगी में सिद्धू ने कहा कि उन्होंने पंजाब में आप के साथ गठजोड को लेकर हाईकमान को बंद कमरे में अपने विचारधारा से अवगत करवा दिया है। वह पंजाब में गठजोड को लेकर कतई सहमत नहीं हैं, फिर भी उनके लिए पार्टी हाईकमान का फैसला सदैव सर्वोच्च रहा है तथा इस बारे भी फैसला सर्वोच्च रहेगा।
चुनावी गठबंधन करने पर कांग्रेस पार्टी को घाटा
हाईकमान का हर फैसला उन्हें मान्य होगा। साथ ही सिद्धू ने यह भी स्पष्ट किया कि बंद कमरे में हाईकमान के साथ बातचीत में उन्होंने हाईकमान को यह भी स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में आप के साथ चुनावी गठबंधन करने पर कांग्रेस पार्टी को घाटा ही होगा। बकौल सिद्धू, आईएनडीआईए गठजोड के तहत अगर सभी राजनीतिक दल इकट्ठे हो जाएंगे तो उनकी केवल 35 प्रतिशत वोटें ही मिल सकेंगे, जबकि अगर कांग्रेस पंजाब में शुरुआत करेगी तो इस शुरुआत के तहत कांग्रेस के पास 45 प्रतिशत से अधिक वोट घर से ही उनकी जेब में होंगी। घर से ही कांग्रेस 45 प्रतिशत वोटों को अपनी जेब में लेकर चुनावी दंगल में जनता दरबार में उतरेगी।

लोकतंत्र राज को बचाने का है मसला
पंजाब में लोकतंत्र बचेगा तो ही फिर सबकुछ बस सकता है। आप सरकार के कार्यकाल के दौरान फैले भ्रष्टाचार के चलते राज्य में तो लोकतंत्र ही खतरे में है। इसलिए पंजाब में मसला लोकतंत्र राज को बचाने का है। इसलिए हाईकमान को जो भी फैसला लेना चाहिए वह राष्ट्रहित एवं पंजाबवासियों के हितों को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए।
