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कोर्ट पहुंची जीजा-साले की 15 साल पुरानी लड़ाई, अमन अरोड़ा की सजा पर आज होगा फैसला; दो साल का मिला है कारावास

कोर्ट पहुंची जीजा-साले की 15 साल पुरानी लड़ाई,
अमन अरोड़ा की सजा पर आज होगा फैसला; दो साल का मिला है कारावास

वंदे भारत- कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के केस में आज सुनवाई होगी। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को सूनाम अदालत द्वारा सुनाई गई दो वर्ष की सजा के खिलाफ जिला सेशन अदालत में की गई अपील पर फैसला 25 जनवरी को होगा। बुधवार को जिला सेशन जज आरएस राय ने कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा व विरोधी पक्ष के वकीलों की सुबह साढ़े दस बजे से शाम सात बजे तक दलीलें सुनीं।

जीजा-साले की लड़ाई कोर्ट तक पहुंची

फिर, फैसला 25 जनवरी तक सुरक्षित रख लिया। ज्ञात हो कि कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, उनकी माता परमेश्वरी देवी समेत नौ लोगों को सुनाम अदालत ने 21 दिसंबर को दो-दो वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके बाद अरोड़ा ने सजा के खिलाफ जिला सेशन कोर्ट संगरूर का द्वार खटखटाया।

उधर, मंत्री अमन अरोड़ा पर मारपीट का केस दर्ज करवाने वाले उनके जीजा राजिंदर दीपा ने कहा, उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है। बता दें कि अमन अरोड़ा के जीजा राजिंदर दीपा ने बताया कि वर्ष 2008 में अमन अरोड़ा व आठ व्यक्तियों ने उनके घर में दाखिल होकर उन पर हमला किया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण करने से रोके गए अमन अरोड़ा

अमन अरोड़ा को 21 दिसंबर 2023 को दोषी करार देने के बाद उन्हें विधायक के तौर पर अयोग्य बताते हुए अमृतसर में ध्वजारोहण से रोकने का निर्देश जारी करने की मांग पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई 25 जनवरी को तय की है। ऐसे में अब वह गणतंत्र दिवस पर झंडा फहरा पाएंगे या नहीं इस पर संशय की स्थिति बन गई है। फिलहाल संगरूर की निचली अदालत में लंबित उनकी अपील पर उन्हें कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है।

2023 में दो वर्ष की सुनाई थी सजा

याचिका दाखिल करते हुए संगरूर निवासी अनिल कुमार तायल ने हाईकोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट 2013 में अपने आदेश में यह स्पष्ट कर चुका है कि यदि किसी अदालत द्वारा किसी जनप्रतिनिधि को दो वर्ष या अधिक के लिए सजा सुनाती है तो जनप्रतिनिधि एक्ट के अनुसार वह अयोग्य माना जाएगा। याची ने बताया कि संगरूर की अदालत ने मंत्री अमन अरोड़ा को आईपीसी की विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए 21 दिसंबर 2023 को दो वर्ष की सजा सुनाई थी।