आवारा कुत्तों के झुंड ने महिला पर किया हमला, शरीर के एक-एक अंग को नोच कर खा गए, हुई मौत
आवारा कुत्तों के झुंड ने महिला पर किया हमला
शरीर के एक-एक अंग को नोच कर खा गए, हुई मौत
वंदे भारत- ( हर्ष शर्मा ) जिले के थाना सुल्तानपुर लोधी तहत पड़ते गांव पस्सण कदीम में अवारा कुत्तों के झुंड ने एक महिला को बुरी तरह नोच डाला, जिसकी तड़प-तड़पकर मौत हो गई। यह महिला खेतों से पशुओं के लिए चारा लेने गई थी, जिस पर कुत्तों के एक झुंड ने बुरी तरह हमला बोल दिया और इस महिला के विभिन्न अंगों को नोच-नोचकर खा गए।

शरीर के अंगों को नोच खाया
महिला की छाती, सिर, बाजू व टांगों को कुत्तों ने इस तरह नोचा जैसे किसी मृत पशु को नोच रहे होते। महिला की खोपड़ी तक को कुत्तों ने नोच डाला। यह इस गांव में तीसरी घटना है। इससे पहले भी एक बच्चों व आदमी पर कुत्ते हमला कर चुके है।
15 से 20 कुत्तों ने किया हमला

गांव पस्सन कदीम निवासी सरपंच गुरदेव सिंह व जसविंदर सिंह आदि लोगों अनुसार गांव के बाहर झुंगी झोपड़ी में रह कर मेहनत मजदूरी करने वाले केवल कुमार की 32 वर्षीय पत्नी परिदेवी पशुओं के लिए चारा लेने के लिए खेतों की तरफ गई थी। इस दौरान 15 से 20 कुत्तों के एक झुंड ने उस पर हमला कर बुरी तरह नोच डाला।
शवगृह में रखवाया गया शव
महिला की चीखें दूर तक सुनाई दे रही थी। गांव के लोगों को जब तक पता चला और उन्होंने इकट्ठे होकर महिला को बचाने के लिए निकले तो इतनी देर में कुत्तों उस महिला की मौत हो चुकी थी। गांव वासियों की तरफ से महिला को लाश को सुल्तानपुर लोधी के सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। थाना सुल्तानपुर लोधी की पुलिस भी मौके पर पहुंच कर अपनी जांच पड़ताल कर रही है।
पहले भी महिलाएं हो चुकी है शिकार

इससे कुछ दिन पहले आवारा कुत्तों की तरफ से दिनेश मुनि के पुत्र अस्सु कुमार को भी तरह नोच डाला था, जिसकी मौत से पहले ही गांव वासी शोक में थे। इससे पूर्व पिंकी देवी नामक एक महिला भी इन कुत्तों का शिकार हो चुकी है और सिविल अस्पताल में जिंदगी व मौत के बीच झूल रही है।
एक आदमी की भी हुई मौत
गांव पस्सन कदीम निवासी सरपंच गुरदेव सिंह, रघबीर सिंह, फुमण सिंह, दयाल सिंह एवं सुखचैन सिंह ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए इलाके के लोगों को आवारा कुत्तों के कहर से बचाने की गुहार लगाई है। इन लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले गांव बूसोवाल में भी एक आदमी की कुत्तों के काटने से मौत हो चुकी है और यह कुत्ते के एक भेड़ को भी खा चुके है। इन कुत्तों का गांव में भारी आतंक है और लोग रात के समय लोग घर से बाहर निकलने से डरते है।

