INDIA गठबंधन को AAP का झटका, असम में उतारे उम्मीदवार, पंजाब में भी अलग लड़ने का ऐलान
INDIA गठबंधन को AAP का झटका
असम में उतारे उम्मीदवार, पंजाब में भी अलग लड़ने का ऐलान
वंदे भारत- ( हर्ष शर्मा ) देश चुनाव के मुहाने पर खड़ा है. सभी पार्टियां अपनी जोड़-तोड़ में लगी हैं. बीजेपी के विजयरथ को रोकने के लिए कांग्रेस और तमाम विपक्षी दलों ने इंडिया गठबंधन की नींव रखी थी, लेकिन एक-एक कर यह गठबंधन ताश के पत्तों सा बिखरता नजर आ रहा है.

अब इसमें एक और दरार पड़ती नजर आ रही है.
अरविंद केजरीवाल की आम आदमा पार्टी ने असम में अपने तीन लोकसभा उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं. साथ ही आप के संगठन महामंत्री संदीप पाठक ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि सीट शेयरिंग को लेकर हम कांग्रेस से बातचीत कर-कर के थक गए थे. ऐसे में कहा जा सकता है कि आने वाले दिन इंडिया गठबंधन के लिए मुश्किलों भरे हो सकते हैं.
असम में आप ने घोषित किए उम्मीदवार?

आम आदमी पार्टी के संगठन मंत्री संदीप पाठक ने गुरुवार को कहा कि अब तक बिना किसी नतीजे के इंडिया ब्लॉक के साथ बातचीत करते-करते थक गए हैं. चुनाव जीतना महत्वपूर्ण, लेकिन हम गठबंधन के साथ हैं. संदीप पाठक ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए असम से तीन उम्मीदवारों की घोषणा की गई है. उम्मीद है कि इंडिया ब्लॉक इस फैसले को स्वीकार करेगा. हमने डिब्रूगढ़ से मनोज धनोहर, गुवाहाटी से भावेन चौधरी और सोनितपुर से ऋषि राज को उम्मीदवार बनाया है. पाठक ने आगे कहा कि इंडिया गठबंधन के साथ चर्चा करते हुए कई महीने हो गए हैं हम थक चुकें हैं. हमने उनसे हर तरह से बात करने की कोशिश की लेकिन अब हम थक चुके हैं.
पंजाब में आप-कांग्रेस की अलग राहें

पाठक ने आगे एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि पंजाब में आप और कांग्रेस अलग-अलग लोकसभा चुनाव लड़ेंगी. सीट शेयरिंग पर बनी कमेटी ने अपना फैसला ले लिया हैं. दोनों राज्यों की इकाई ने अलग-अलग लड़ने पर आपसी सहमति जताई है. उन्होंने कहा कि हम एक परिपक्व और समझदार गठबंधन के भागीदार हैं. लेकिन फिलहाल पंजाब में आप और कांग्रेस अलग-अलग चुनाव लड़ेंगी. बता दें इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है. हाल ही में गठबंधन के सूत्रधार रहे बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी गठबंधन को अलविदा कह दिया. उन्होंने भी यही आरोप लगाया था कि गठबंधन में सीट बंटवारे पर कोई चर्चा नहीं हो रही थी. जिससे वो परेशान हो गए. धीरे-धीरे हर बड़ा नेता इंडिया गठबंधन को अलविदा कह रहा है ऐसे में गठबंधन के लिए आगे की राह आसान नहीं होने वाली.
