पंजाब से बाहर चल रहा अफसरों के नाम पर ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क
वंदे भारत-(हर्ष शर्मा) आपराधिक तत्व अधिकारियों की फर्जी आईडी बनाकर लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। सामने आया है कि अफसरों के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले पंजाब से बाहर के राज्यों में नेटवर्क चला रहे हैं।
इस तरह के मामले सामने आने के बाद साइबर पुलिस इस पर गंभीरता से काम कर रही है। 23 फरवरी को एसएसपी मोहाली, कमिश्नर व डीआईजी के नाम पर फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर लोगों को ठगने वाला शातिर अपराधी मोहम्मद कैफ उर्फ कैश को पुलिस ने काबू किया था, जिसने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए थे। अभी उसकी पूछताछ पूरी हुई ही थी कि एसपी जशनदीप रंधावा के नाम से फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को ठगने का प्रयास किया गया। इस मामले में आरोपी को पकड़ने के लिए साइबर टीम काम कर रही है, लेकिन पुलिस अधीक्षक ने खुद फेसबुक आईडी पर इस संबंध में पोस्ट डालकर अपने नाम से एक फर्जी अकाउंट बनने की जानकारी देकर जानकारों को आगाह कर दिया है उन्होंने उस आईडी से अपने करीबी लोगों को मैसेज भेजा है।
सोशल मीडिया के इस जमाने में दूसरे के नाम इस्तेमाल कर लगातार ठगी हो रही है। यह ठगी आम लोगों के साथ हो तो वह पुलिस को शिकायत करते हैं, लेकिन अब आईपीएस-आईएएस अफसर बनकर लोगों को ठगा जा रहा है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि जिनके पास कोई नौकरी नहीं है और वे खाली बैठे हैं, वह खाली समय का इस्तेमाल कर ठगी के तरीके ढूंढ रहे हैं, जिससे बड़े बड़े आईएएस अधिकारी भी भौच्चके रह गए हैं। उनके फोटो को लगाकर ठगों ने फेसबुक पेज बनाया और उन्हीं के जानकारों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। पंजाब से बाहर बैठकर चला रहे नेटवर्क पुलिस सूत्रों के अनुसार मोहम्मद कैफ ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसके नेटवर्क में ऐसे ऑनलाइन ठग थे, जो आईपीएस अफसरों के नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को ठग चुके हैं। यह ठग पंजाब से बाहर दिल्ली, बंगाल, उत्तराखंड, यूपी और बिहर में बैठकर नेटवर्क चलाते हैं। वह ऐसे आईपीएस अधिकारियों की आईडी ढूंढते हैं, जो काफी चर्चा में रहे हों और फिर फेक आईडी बनाकर वह उनके बैच मेट का पता लगाते हैं। उनके डिपार्टमेंट के निचले अधिकारी का नंबर हैक करके उसे अपने जाल में फंसाकर ठगते हैं। ज्यादातर ठग चैटिंग करते हैं और डीपी पर आईपीएस अधिकारी का फोटो लगाकर निचले स्तर के अधिकारी को मैसेज भेजते हैं कि उनके बैचमेट का ट्रांसफर हो गया है और वह बहुत सस्ते दाम पर सामान बेचना चाहता है। ओएलएक्स से कुछ महंगे सामान की फोटो चोरी करके उसे व्हाट्सएप कर देते हैं। सस्ते सामान के लालच में आकर वह उनके चंगुल में फंस जाते हैं। इन अधिकारियों के नाम से बन चुकी हैं जाली आईडी मोहाली पुलिस के एसएसपी संदीप गर्ग, डीआईजी जालंधर स्वपन्न शर्मा, मंदीप सिद्धू कमिश्नर, चंडीगढ़ के डीजीपी, अंबाला के एसपी जशनदीप सिंह के नाम से फेक अकाउंट बनाकर लोगों से पैसे मांगे जा चुके हैं। इसी तरह गवर्नर के पीए की फेक डीपी की लगाकर उनके जानकार को मैसेज किया कि यह उसका नया नंबर है और उन्हें जल्द डेढ़ लाख के एमाजॉन के गिफ्ट वाउचर लगाकर भेजने को कहा। जानकार ने मैसेज देखकर वाउचर नंबर उसे मैसेज किए, जिसकी बाद में ठगों ने शॉपिंग कर ली।इस तरह बच सकते हैं ठगी से साइबर सिक्योरिटी फॉरेंसिक चंडीगढ़ राजेश राणा बताते हैं कि ऑनलाइन ठगी काफी बढ़ गई है। ठग नए-नए हथकंडे अपनाते आए हैं। ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए प्रशासन की तरफ से काफी कुछ होना जरूरी हैं।

मल्टीपल सिम जो एक व्यक्ति के नाम से ईश्यू हो जाते हैं उसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए
-एक व्यक्ति के नाम पर एक से ज्यादा सिम ईश्यू नहीं होने चाहिए
-ठगी के मामले में अगर कोई पकड़ा जाए जो उसका सिम पक्के तौर पर ब्लॉक कर दिया जाना चाहिए, उसके नाम से दोबारा सिम जारी नहीं होना चाहिए। उसे ब्लैक लिस्टेड कर देना चाहिए
-सिम लेते समय वीडियो वेरिफिकेशन होना बेहद जरूरी है
-बैंक अकाउंट के नाम वीडियो वेरिफिकेशन अनिवार्य होनी चाहिए
-आधार कार्ड के साथ बायोमैट्रिक लिंक किया जाए
-मोबाइल पर आने वाले लिंक को जानकारी के बिना न खोलें
