अकाली-भाजपा इकठे चुनाव लड़े तो 6 सीटों पर जीत पक्की, अलग-अलग लड़ने पर भाजपा अकाली दल को मिलेगी 1-1 सीट
वंदे भारत(हर्ष शर्मा) जालंधर। पंजाब में सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी है। आम आदमी पार्टी ने तो पहल करते हुए आठ उम्मीदवारों का ऐलान भी कर दिया। अब पंजाब के लोग सबसे बड़ा इंतजार कर रहे हैं भाजपा और अकाली दल के गठबंधन का। बताया जाता है कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन लगभग तय है। भाजपा की ओर से कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुनील जाखड़ पूरा जोर लगा रहे है तो अकाली दल की और से सुखदेव सिंह ढींडसा ओर विक्रम मजीठिया के प्रयास जारी है। एक-दो दिन में गठबंधन का ऐलान भी हो सकता है। वंदे भारत ने इस मामले को लेकर पूरे पंजाब में जनता के बीच जाकर एक सर्वे करवाया है। जिसमें पंजाब से 50000 लोगों से बात की गई। सर्वे में बड़े चौंकाने वाले नतीजें आए हैं।
सर्वे के मुताबिक अगर पंजाब में अकाली दल और भाजपा गठबंधन कर चुनाव लड़ते हैं तो 13 में से 6 सीटों पर इस गठबंधन को जीत मिल सकती है। क्योंकि शहरी वोट बैंक पर बीजेपी की खासी पकड़ है और श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद शहरों में बीजेपी का वोट और बढ़ा है। वही गांवों में अकाली दल का एक पक्का वोट बैंक है। दोनों के साथ आने से शहरी और ग्रामीण वोट बैंक गठबंधन को मिल सकता है। वंदे भारत के सर्वे में यह बात भी निकाल कर आई है कि अगर दोनों पार्टियां पंजाब में अलग-अलग चुनाव लड़ती हैं तो उन्हें सिर्फ एक-एक सीट ही मिलने की संभावना है। अब पंजाब की राजनीति को लेकर गठबंधन होगा या नहीं इस पर प्रमुख चर्चा होने लगी है।

