चैत्र मेले के पहले दिन बाबा बालकनाथ मंदिर ट्रस्ट भंग, हटाए गए ट्रस्टी और सदस्य; हुए तबादले
वंदे भारत(हर्ष शर्मा) बड़सर उपमंडल में स्थित उत्तर भारत के प्रसिद्ध बाबा बालकनाथ मंदिर के ट्रस्ट को भंग कर दिया गया है। प्रदेश में हुई सियासी उठापटक का असर मंदिर ट्रस्ट में भी देखने को मिला है। ट्रस्ट के ट्रस्टियों और विशेष आमंत्रित की नियुक्ति को भंग कर दिया है।अधिकार ट्रस्टी व सदस्य अयोग्य घोषित विधायक इंद्र दत्त लखनपाल के करीबी हैं। ऐसे में इस कार्रवाई को राज्यसभा चुनावों की क्रॉस वोटिंग से जोड़कर देखा जा रहा है। यह कार्रवाई बाबा के दरबार में चल रहे चैत्र मास मेलों के पहले दिन हुई है। इनकी नियुक्ति गत वर्ष अप्रैल माह में की गई थी।
यह ट्रस्टी और सदस्य मेले में पहुंचे, लेकिन प्रशासन की तरफ से इन्हें कोई मान सम्मान नहीं मिला। हर साल मेलों के दौरान प्रशासन की तरफ से बाकायदा बैठक कक्ष में ट्रस्टियों को सम्मानित किए जाने की परंपरा है, लेकिन वीरवार को ट्रस्टियों को मायूसी हाथ लगी है। 12 ट्रस्ट के सदस्य और 21 विशेष आमंत्रित सदस्य मेलों में पहुंचे, लेकिन प्रशासन से इनकी कोई बातचीत नहीं हुई। मंदिर कमिश्नर डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह ने कहा कि ट्रस्टियों और विशेष आमंत्रित सदस्यों को पद से हटा दिया दिया गया है।
ये बनाए गए थे ट्रस्टी
ट्रस्टियों में मैहरे-बड़सर के अरविंद कोर डोगरा, बिझड़ी बल्ह बिहाल के कृष्ण चंद चौधरी, चकमोह के रिटायर्ड कैप्टन सुरेंद्र सोनी, चकमोह के रिटायर्ड इंस्पेक्टर हरि कृष्ण, चकमोह के धनीराम संगल, चकमोह के कैप्टन पुरुषोत्तम, बिझड़ी कलवल के रोशन चौधरी, दियोटसिद्ध के रौनकी राम, बड़सर के छपरोह के मनोज शर्मा, वणी के राजेश बन्याल, नादौन स्थित बदराण के राकेश रत्न सहित पंजाब के जालंधर जिले के भक्त अरुण राय को ट्रस्टी के रूप में तैनाती दी गई थी।

