दुश्मनी जम कर करो…चुनाव आयोग ने ‘शेर’ की तरह दी नसीहत; नेता हों या कार्यकर्ता कान खोलकर सुन लें
वंदे भारत(हर्ष शर्मा) लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करते समय चुनाव आयुक्त राजीव कुमार बीच-बीच में शायराना अंदाज में दिखे।
उपर लिखे मशहूर शायर बशीर बद्र के इस शेर का भी जिक्र किया। दरअसल ये शेर यूं ही नहीं, राजनीतिक दलों और उसके नेताओं और कार्यकताओं को नसीहत के लिए था। इस शेर के जरिए वो ये बताना चाहते थे कि चुनाव आयोग इस बार सख्ती बरतने के मूड में है और वो नहीं चाहता कि कुछ लोगों की वजह से पूरा चुनाव खराब हो।
चुनाव आयोग की ओर से कुछ दिशा निर्देश जारी किए गए जिसका पालन सख्ती से नेताओं और कार्यकर्ताओं को करना होगा। उन दिशा निर्देशों को बताने से पहले ये बता दें कि इस बार 543 सीटों के लिए चुनाव 7 फेज में होगा। पहले फेज की वोटिंग 19 अप्रैल को और आखिरी फेज की वोटिंग 1 जून को होगी। 4 जून को नतीजे आएंगे। वोटिंग से लेकर नतीजे तक इसमें 46 दिन लगेंगे।
हेट स्पीच पर जीरो टॉलरेंस
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि हेट स्पीच को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही दिशा निर्देश दे चुका है। ऐसे में इसका पालन ना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नेता और या कार्यकर्ता हेट स्पीच का उपयोग करने वालों पर रहम नहीं दिखाया जाएगा।
फेक खबर फैलाने वालों की खैर नहीं
निर्वाचन आयोग ने कहा है कि चुनाव के दौरान अगर सोशल मीडिया या मीडिया में कोई भी फर्जी खबर (Fake News) फैलाते हुए पकड़े जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने इसके लिए भी बशीर बद्र का एक शेर पढ़ा।
जाति और धर्म की न करें बात
चुनाव आयोग ने कहा है कि राजनीतिक दलों को कैंपेन के वक्त जाति और धर्म की बात नहीं करनी चाहिए। आयोग ने कहा है कि कैंपेन सबको जोड़ने वाला हो, ना कि तोड़ने वाला। सभी लोग इसका ध्यान रखें।
EVM को बदनाम करने वालों को भी दिया करारा जवाब
अपनी स्पीच के आखिरी हिस्से में सीईसी राजीव कुमार ने ईवीएम (EVM) पर भी बात की। जो लोग ईवीएम में खामी निकालते हैं, उन पर कटाक्ष करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कुछ लाइनें सुनाई।
अधूरी हसरतों का इल्जाम हर बार हम पर लगाना ठीक नहीं, वफा खुद से नहीं होती खता ईवीएम की कहते हो

