साल का पहला सूर्य ग्रहण आज, क्या भारत में दिखाई देगा या नहीं ? जानिए सबकुछ

वंदे भारत(हर्ष शर्मा) साल के पहले सूर्य ग्रहण का प्रभाव और सूतक काल भारत पर नहीं पड़ेगा। इस कारण से सभी तरह के शुभ कार्य और धार्मिक अनुष्ठान बिना रोक टोक के किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है और इस ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को न तो ग्रहण देखना चाहिए और न ही ग्रहण के दौरान घर से बाहर जाना चाहिए। ग्रहण के दौरान अगर गर्वभती महिलाएं सूर्य ग्रहण देखती हैं या फिर बाहर निकलती हैं तो गर्भ में पल रहे नवजात शिशु पर नकारात्मक असर पड़ता है। ग्रहण के दौरान सूर्य से निकलने वाली किरणें मां और बच्चे की सेहत पर बुरा प्रभाव डालती हैं।
सूर्य ग्रहण पर गर्भवती महिलाएं बरतें ये सावधानियां
ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं बाहर जाने से बचें।
गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण नहीं देखना चाहिए।
गर्भवती महिलाएं ग्रहण शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद स्नान अवश्य करें।
ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को कोई भी नुकीली चीज का प्रयोग करने से बचना चाहिए।
सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सोने से बचना चाहिए।.
आज चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि और कल से यानी 09 अप्रैल से चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी। हर वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर चैत्र नवरात्रि शुरू होती है। लेकिन इस बार चैत्र नवरात्रि के शुरू होने से एक दिन पहले सूर्य ग्रहण लग रहा है। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण 08 अप्रैल को रात 09 बजकर 12 मिनट से शुरू होगा जो 9 अप्रैल की सुबह 2 बजकर 22 मिनट तक चलेगा। लेकिन भारत में इस ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा इस कारण सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। ऐसे में मां दुर्गा की आराधना के पर्व नवरात्रि पर इसका कोई प्रभाव नहीं रहेगा।
आज सूर्य ग्रहण पर एक साथ कई ग्रहों का संयोग भी बन रहा है। सूर्य ग्रहण पर सूर्य और चंद्रमा मीन राशि में रहकर गुरु के साथ युति बनाएंगे।
आज भारतीय समय के अनुसार रात 9 बजकर 12 मिनट पर दुनिया के कई हिस्सों में सूर्य ग्रहण लगने वाला है। यह सूर्य ग्रहण बहुत ही खास रहने वाला होगा क्योंकि इस ग्रहण पर 54 वर्षों बाद कई दुर्लभ संयोग भी बनेगा।
- यह सूर्य ग्रहण 50 वर्षों बाद सबसे लंबा सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण करीब 5 घंटे और 25 मिनट तक चलेगा।
- यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। 54 वर्षों बाद इस तरह का संयोग बन रहा है। इसके पहले ऐसा संयोग 1970 में बना था।
- आज जब सूर्य ग्रहण लगेगा तब इस दौरान कुछ समय के लिए पृथ्वी पर अंधेरा छा जाएगा। यानी ग्रहण में सूर्य पूरी तरह से गायब हो जाएगा। इसके चलते दिन में अंधेरा छा जाएगा।
- इस सूर्य ग्रहण के दौरान धूमकेतु तारा भी साफ नजर आएगा।
- दुनिया के जिन-जिन हिस्सों में यह सूर्य ग्रहण लगेगा वहां सौर मंडल में मौजूद शुक्र और गुरु भी देखा जा सकेगा।
जैसे कि हम सभी जानते हैं कि सूर्य के चारों ओर पृथ्वी चक्कर लगाती है और पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा घूमता है। जब सूर्य, पृथ्वी और चांद तीनों ही एक सीध में आ जाते हैं तो इस घटना के कारण सूर्य और चंद्र ग्रहण होता है। जब चांद पृथ्वी के चक्कर काटते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है तो इसे सूर्य ग्रहण कहते हैं। इस दौरान सूर्य से पृथ्वी पर आने वाली प्रकाश की किरणें चांद की वजह से पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाती है। और चांद की छाया पृथ्वी पर पड़ती है। इस घटना को ही सूर्य ग्रहण कहते हैं।

विज्ञान में ग्रहण की घटना को खगीलीय माना जाता है जबकि ज्योतिष में इसे शुभ नहीं माना जाता है। आज जो सूर्य ग्रहण लगेगा वह भारत में नही दिखाई देगा, जिस कारण से इसका सूतक काल प्रभावी नहीं रहेगा। भारतीय समय के अनुसार आज रात 09 बजकर 12 मिनट से सूर्य ग्रहण शुरू हो जाएगा जो देर रात 2 बजकर 22 मिनट तक चलेगा।
आज सोमवती अमावस्या तिथि साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। लेकिन इस ग्रहण को भारत में नहीं देखा सकेगा। फिर भी जब सूर्य ग्रहण को देखने का मौका मिले तो कुछ खास बातों का विशेष ध्यान देना चाहिए।
- सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से कभी न देखें। सूर्य ग्रहण को सीधे खुली आंखों से देखने पर आंखों को नुकसान पहुंच सकता है।
- ग्रहण देखते समय विशेष रूप से बने चश्मों का ही प्रयोग करें।
- पिनहोल प्रोजेक्टर से सूर्य ग्रहण देखना सुरक्षित होता है।
आज भारतीय समयानुसार रात को करीब 9 बजे से साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण अमेरिका, कनाडा और मैक्सिकों जैसे देशों में देखा जा सकेगा, लेकिन इस सूर्य ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकता है। तीन देशों में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा जबकि बाकी के देशों में आंशिक सूर्य ग्रहण रहेगा। आपका बता दें सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि के दिन ही लगता है और हर 18 महीने के दौरान दुनिया के किसी न किसी हिस्सों में ग्रहण जरूर लगता है।
आज साल का पहला सूर्य ग्रहण है। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा जिसमें सूरज पूरी तरह से चांद से ढक जाएगा। ग्रहण काफी देर तक चलेगा। भारत में इस सूर्य ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा, जिस कारण से सूतककाल मान्य नहीं होगा। शास्त्रों में ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए इस बारे में विस्तार से बताया गया है।
क्या न करें
ग्रहण के दौरान कभी भी कोई शुभ काम या देवी-देवताओं की पूजा नहीं करनी चाहिए।
ग्रहण के दौरान न ही भोजन पकाना चाहिए और न ही कुछ खाना-पीना चाहिए।
ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं का ग्रहण नहीं देखना चाहिए और न ही घर से बाहर जाना चाहिए।
ग्रहण के दौरान तुलसी समेत अन्य पेड़-पौधों नहीं छूना चाहिए।
क्या करें
ग्रहण शुरू होने से पहले यानी सूतक काल प्रभावी होने पर पहले से ही खाने-पीने की चीजों में पहले से तोड़े गए तुलसी के पत्ते को डालकर रखना चाहिए।
ग्रहण के दौरान अपने इष्ट देवी-देवताओं के नाम का स्मरण करना चाहिए।
ग्रहण के दौरान इसके असर को कम करने के लिए मंत्रों का जाप करना चाहिए।
ग्रहण खत्म होने पर पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।
आज साल का पहला और 50 वर्षों बाद सबसे लंबा चलने वाला सूर्य ग्रहण होगा। यह सूर्य ग्रहण करीब 5 घंटे और 25 मिनट तक चलेगा। इस दौरान जब सूर्य ग्रहण अपने चरम पर होगा तब 7 मिनट तक पृथ्वी के कई हिस्सों में अंधेरा छा जाएगा।
सूर्य ग्रहण चार तरह के होते हैं। पूर्ण सूर्यग्रहण, आंशिक सूर्य ग्रहण, वलयाकार सूर्य ग्रहण और हाइब्रिड सूर्य ग्रहण। जब सूर्य और पृथ्वी का बीच चंद्रमा आ जाता है तो इस खगोलीय घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं। इसमें चांद के पीछ सूर्य का बिंब कुछ देर के लिए ढक जाता है।
इस सूर्य ग्रहण को पश्चिमी यूरोप, अटलांटिक, आर्कटिक मेक्सिको, उत्तरी अमेरिका , कनाडा, मध्य अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, इंग्लैंड के उत्तर पश्चिम क्षेत्र और आयरलैंड में देखा जा सकेगा। लेकिन भारत में इस सूर्य ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा।
आज साल 2024 के पहले सूर्य ग्रहण का नजारा दुनिया देखी। भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल को रात 9 बजकर 12 मिनट से शुरू होगा जो देर रात 2 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। इस तरह से यह सूर्य ग्रहण काफी देर तक चलेगा।
शास्त्रों में सूतक काल को शुभ नहीं माना जाता है। जब भी ग्रहण लगता है तो उसके कुछ घंटों पहले सूतक काल आरंभ हो जाता है। सूतक काल के शुरू होने पर मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ करना वर्जित हो जाता है। सूर्य ग्रहण लगने पर सूतक काल ग्रहण के शुरू होने से 12 घंटे पहले लगता है जबकि चंद्र ग्रहण पर सूतक काल 5 घंटे पहले आरंभ होता है।
साल का पहला सूर्य ग्रहण मीन राशि और रेवती नक्षत्र में होगा। ग्रहण के दौरान राहु और दैत्यों के गुरु शुक्र मीन राशि में स्थिति होंगे। यह सूर्य ग्रहण चैत्र नवरात्रि के शुरू होने के एक दिन पहले लग रहा है। शास्त्रों में ग्रहण को दृश्य पर्व माना गया है, जहां यह दिखाई देता है, वहीं पर उसका प्रभाव माना जाता है। यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां कोई भी प्रभाव नहीं रहेगा, न ही इसका सूतक लगेगा।
वैदिक पंचांग के अनुसार सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि पर और जबकि चंद्र ग्रहण पूर्णिमा तिथि पर लगता है। आज सोमवती अमावस्या तिथि के संयोग में साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है।

