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Bihar:dg की गालीबाजी से आहत Ig वैभव दिसंबर से ही गृह विभाग से लगा रहे गुहार; अब खुद को खतरा बता मांगा तबादला

आईपीएस विकास वैभव ने मांगा ट्रांसफर

आईपीएस विकास वैभव ने मांगा ट्रांसफर
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

IG विकास वैभव ने पूर्व स्वीकृत अवकाश से लौटते ही DG शोभा अहोटकर के आसपास रहने से खुद और परिवार को खतरा बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उस तीखी सलाह का भी जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने ऐसी शिकायतें उचित फोरम पर रखने कहा था, न कि ट्वीट करने।

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को IPS विकास वैभव की ओर से मिली चिट्ठी में साफ तौर पर बताया गया है कि उन्होंने DG शोभा अहोटकर की गालीबाजी की शिकायत न केवल सितंबर 2022 से कई बार की, बल्कि उनके साथ कई अन्य पदाधिकारी भी DG से बचाने की गुहार लेकर गृह विभाग के चक्कर लगा चुके हैं।

गृह विभाग को मिली इस चिट्ठी में तारीखों के साथ शिकायतों की जानकारी है। उन्होंने पूरी जानकारी देते हुए DG शोभा अहोटकर के मातहत काम करने में असमर्थता और डर दिखाते हुए अन्यत्र ट्रांसफर की मांग की है और ऐसा तत्काल नहीं होने की स्थिति में दो महीने के उस अवकाश को स्वीकृत करने की गुहार लगाई है, जो वह पहले से दे चुके हैं।

‘अमर उजाला’ ने सबसे पहले जो लिखा, वही सच

9 फरवरी को सुबह सबसे पहले 8:46 बजे ‘अमर उजाला’ ने इस खबर को ब्रेक किया था कि IG विकास वैभव को बिहारी कहकर प्रताड़ित किया जा रहा है और मां-पत्नी के नाम पर गालियां दी जा रही हैं। इस खबर को DG शोभा अहोटकर का बयान नहीं मिलने पर फिर करीब 10 बजे अपडेट किया गया। खबर में बताया गया था कि सारण मॉब लिंचिंग के दूसरे शिकार युवक की मौत की खबर को लेकर ‘अमर उजाला’ की टीम रात में सोशल मीडिया पर एक्टिव थी, तभी यह ट्वीट दिखे। 

डिलीट होने के पहले लिए स्क्रीनशॉट के आधार पर यह खबर लाने के साथ यह आशंका जताई गई थी कि संवेदनशीलता के लिए चर्चित और बिहारी अस्मिता जागरण के लिए प्रतिबद्ध ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ मुहिम चला रहे IPS विकास वैभव उस रात सोए नहीं थे। विकास वैभव ने ‘अमर उजाला’ के बार-बार पूछने पर इसपर बात नहीं की, लेकिन अब गृह विभाग को मिली चिट्ठी में लिखा है- “8 फरवरी 2023 को क्रय समिति की बैठक के दौरान डीजी ने सभी लोगों के बीच तीन बार मुझे bloody IG कहा। इसके अलावा, DIG बिनोद कुमार को अपमानित कर Get out कहते हुए सभा कक्ष से बाहर निकाल दिया।

इन कारणों से मैं अत्यंत विचलित था। मानसिक रूप से द्रवित था। बैठक में इस अपमान के कारण मुझे पूरी रात नींद नहीं आई। मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए। उसी मनोदशा में देर रात्रि 1:45 बजे ट्वीट करने की इच्छा हुई और मैंने ट्वीट कर भी दिया। परंतु, कुछ मिनट बाद मुझे लगा कि ऐसा नहीं करते हुए मुझे सरकार को अवकाश के लिए आवेदन देना चाहिए। इसपर मैंने ट्वीट को डिलीट कर दिया। उन ट्वीट्स के प्रसारण से मेरी कोई भूमिका नहीं रही है।”

मुख्यमंत्री को यह पढ़ना चाहिए

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को मिले पत्र में IG विकास वैभव ने बताया है- “आपके कार्यालय कक्ष में निजी रूप से मिलकर पहली बार दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में ही बताया था कि महानिदेशक मुझे निरंतर गाली दे रही हैं। अपमानित कर रही हैं। अत्यंत अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है तथा मेरी पत्नी के संबंध में भी अपमानजनक टिप्पणियां की गई हैं। फिर, 23 जनवरी 2023 को मैं DIG बिनोद कुमार एवं समादेष्टा राजीव रंजन के साथ आपसे मिले। हम लोगों ने मिलकर सामूहिक रूप से बताया था कि DG शोभा अहोटकर प्रतिदिन अनावश्यक ही गालीगलौज करती हैं और क्रोध युक्त अमर्यादित भाषा का प्रयोग करती हैं। फिर, 24 जनवरी 2023 को DIG विनोद कुमार व राजीव रंजन ने बिहार के मुख्य सचिव को भी ऐसे अमानवीय दुर्व्यवहार की शिकायत की थी।” यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी एक तरह से जवाब है, क्योंकि उन्होंने समाधान यात्रा में यह सवाल आने पर मजाकिया लहजे में कहा था कि किसी अधिकारी को ट्वीट नहीं करना चाहिए, बल्कि उचित फोरम पर बात रखनी चाहिए।

खुद व परिवार के लिए खतरा बताया

IG विकास वैभव ने इस पत्र में साफ लिखा है कि जबरन दंडित करने की मंशा के साथ बिहारी और पत्नी के नाम से गाली देने वालीं DG शोभा अहोटकर के साथ काम करने में वह खतरा महसूस करते हैं। लिखा है- कार्यस्थल पर ही मेरे साथ अप्रिय घटनाएं घट सकती हैं, क्षति पहुंचाई जा सकती है। ऐसे वरीय पदाधिकारी के अधीन कर्तव्य पालन संभव और सुरक्षित नहीं है। निर्दोष पारिवारिक सदस्यों के साथ मेरी सुरक्षा पर विचार करते हुए अस्थाई तौर पर भी उक्त वरीय पदाधिकारी के नियंत्रण से मुक्त किसी अन्य पद पर पदस्थापित करने हेतु राज्य सरकार की स्वीकृति प्राप्त करने की कृपा की जाए यदि किसी कारणवश वैकल्पिक व्यवस्था संभव नहीं हो तो 13 फरवरी 2023 के पूर्वाह्न से 60 दिन का अवकाश दे दें।” इसके लिए उन्होंने पूर्व में दिए अवकाश आवेदन की स्वीकृति का आग्रह किया है।

DG की मंशा को किया जाहिर…

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को मिली चिट्ठी में विकास वैभव की ओर से लिखा गया है कि जब 3 फरवरी 2023 को स्वीकृत अवकाश के तहत वह 9 फरवरी 2023 के अपराह्न में प्रस्थान कर गए थे। इसी बीच उसी तारीख को DG ने स्पष्टीकरण में 24 घंटे के अंदर जवाब देने का आदेश दिया और 10 फरवरी को जवाब नहीं मिलने के आलोक में अनुशासनिक कार्यवाही करने के संबंध में गृह विभाग को पत्र लिख दिया। यह किया जाना मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के युद्ध स्तर पर उनके प्रयास के साथ किसी भी तरह से दंडित करने की उनकी मंशा को दिखाता है।

खुद पर लगे आरोपों पर चुप क्यों DG

गृह विभाग को मिले पत्र में IG विकास वैभव ने लिखा है कि अनुशासनहीन तथा मर्यादाहीन पदाधिकारी होने संबंधित अपना अपराध महसूस नहीं किया और तत्काल मुझसे ही स्पष्टीकरण की मांग कर दी और सुप्रीम कोर्ट के तय मानकों के विरूद्ध जवाब के लिए महज 24 घंटे का समय दिया गया, वह भी तब जबकि मैं पूर्व स्वीकृत अवकाश के तहत राज्य से बाहर था।

DIG के बेहोश होने का भी जिक्र

इस पत्र में आईजी विकास वैभव ने यह भी बताया है कि डीजी शोभा अहोटकर के अमानवीय दुर्व्यवहार के कारण ही DIG बिनोद कुमार उनके कार्यालय कक्ष में बेहोश भी हो गए थे और लगभग 45 मिनट के बाद ही पूर्णत: होश में आ सके थे। तब से उनकी तबीयत लगातार खराब ही चल रही है।

DG कहती हैं- बिहारी कामचोर होते हैं

इसके बाद भी डीजी द्वारा क्रोधित होकर दुर्व्यवहार और टिप्पणियां की जाती हैं। यहां तक कि बिहारी मूल के अफसरों को ‘बिहारी’ बोल कर अपमानित करने का प्रयास किया गया है बताया गया कि बिहारी कामचोर होते हैं। लेट्स इंस्पायर बिहार मुहिम से जुड़े लोगों के साथ ही बिहारी अस्मिता पर खड़े होने वाले नेताओं और आम लोगों ने इस मुद्दे को हाथ में उठा रखा है। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक आंदोलन चल रहा है, जिसे DG के खिलाफ IG की साजिश के रूप में भी प्रचारित किया जा रहा है।

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