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18 मई 2025 को एक विशेष ज्योतिषीय घटना घटी, जिसे वैदिक पंचांग के अनुसार अत्यंत दुर्लभ माना जा रहा है। इस दिन बुध ग्रह मेष राशि में अस्त हुआ और वह 10 जून को अपनी स्वयं की राशि मिथुन में उदय होगा। इसके साथ ही राहु और केतु ने भी अपनी राशि बदली है। तीन प्रमुख ग्रहों की एकसाथ गति में बदलाव का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ संकेत लेकर आया है।
ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है। ऐसे में इसका परिवर्तन कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
वृषभ राशि
बुध ग्रह वृषभ राशि के बारहवें भाव में अस्त हुआ है। ज्योतिष में यह स्थान आमतौर पर हानि से जुड़ा होता है, लेकिन इस बार यह स्थिति शुभ योग बना रही है। विशेषकर विदेश यात्रा, मल्टीनेशनल कंपनियों से जुड़े लोगों और आयात-निर्यात जैसे व्यवसाय करने वालों के लिए यह समय लाभकारी रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की या नई ज़िम्मेदारियाँ मिल सकती हैं। हालांकि खर्चों पर नियंत्रण रखना ज़रूरी होगा।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के अष्टम भाव में बुध का अस्त होना सामान्यतः चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन इस बार दशम भाव में बृहस्पति की उपस्थिति एक शुभ योग बना रही है। इस अवधि में आपको अपनी बुद्धिमता और सोच के आधार पर नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने में भी आपको अपनों का पूरा सहयोग मिलेगा। ससुराल पक्ष से भी लाभ मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिलेगा।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए तीसरे भाव में बुध का अस्त होना साहस और ऊर्जा को बढ़ावा देगा। आप आत्मविश्वास के साथ नई ज़िम्मेदारियाँ निभाने में सफल रहेंगे। साथ ही पंचम भाव में बृहस्पति का गोचर प्रेम जीवन और शिक्षा के क्षेत्र में शुभ परिणाम देगा। संतान से जुड़ी कोई शुभ सूचना भी मिल सकती है, खासतौर पर जो लोग संतान सुख की योजना बना रहे हैं, उन्हें सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को करियर में लाभ के संकेत हैं।
यह दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग न केवल ज्योतिष प्रेमियों के लिए रोचक है, बल्कि कई राशियों के लिए जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला भी साबित हो सकता है।
