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के दरिंदे ने गढ़ी कहानी- सरस्वती जहर खाकर आत्महत्या कर चुकी थी, खुद को बचाने के लिए किए टुकड़े

लिव इन रिलेशन में रहने वाली सरस्वती वैद्य मर्डर केस से देश भर में सनसनी

वंदे भारत 24 -: लिव इन रिलेशन में रहने वाली सरस्वती वैद्य मर्डर केस से देश भर में सनसनी फैल गई है। 32 साल की सरस्वती की उसके 56 साल के लिव इन पार्टनर मनोज साहनी ने जिस तरह से हत्या की और शव से क्रूरता की, उससे पुलिस तक हैरान है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसने गला रेत कर सरस्वती का मर्डर किया और फिर आरे से 20 से ज्यादा टुकड़े कर डाले। फिर शव को ठिकाने लगाने के लिए कुकर में उबालकर कुत्तों को खिलाता रहा। लेकिन पुलिस से बयान में मनोज साहनी ने अलग ही कहानी गढ़ दी है।

पुलिस से पूछताछ में मनोज साहनी ने दावा किया कि उसकी साथी सरस्वती ने 4 जून को जहर खाकर जान दे दी थी। मनोज ने कहा कि जब मैं उस दिन घर पहुंचा तो देखा कि सरस्वती बेड पर मरी पड़ी है और उसके मुंह से जहर खाने के चलते झाग निकल रहा है। उसने कहा कि मुझे डर लगा कि मेरे ऊपर सरस्वती को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज हो जाएगा। इसलिए मैंने लाश के टुकड़े कर डाले और फिर उन्हें ठिकाने लगा। पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘मनोज ने कहा कि उसे लगता था कि सरस्वती अनाथ है और उसका कोई नहीं है। इसलिए कोई उसके बारे में नहीं पूछेगा और वह बच निकलेगा।’

उन्होंने कहा कि मनोज लगातार यह दोहरा रहा है कि सरस्वती ने जहर खाकर जान दे दी थी। उसने यह भी कहा है कि सरस्वती के साथ उसका अकसर झगड़ा होता था क्योंकि उसे संदेह था कि उसका किसी और से भी रिलेशन है। गीता नगर की इस इमारत में रहने वाले अन्य लोगों ने कहा कि सरस्वती और मनोज की ज्यादा किसी से बातचीत नहीं थी। उनके फ्लैट पर कोई नेमप्लेट भी नहीं थी और अब भी यह सोनम बिल्डर्स के नाम पर ही है। बुधवार को शाम करीब 7 बजे स्थानीय लोगों ने ही फ्लैट से बदबू आने पर पुलिस को कॉल किया था।

पुलिस मौके पर पहुंची तो मनोज गेट खोलते ही भागने की कोशिश करने लगा। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने उसे मौके पर ही धर दबोचा। फिर अंदर दाखिल हुई तो सरस्वती का टुकड़ों बंटा शव मिला और नीचे का ही हिस्सा था। ऊपरी हिस्से को मनोज ठिकाने लगा चुका था। पुलिस से पूछताछ में उसने माना कि वह सरस्वती के शव के टुकड़ों को उबालता था और फिर उन्हें आवारा कुत्तों को खिला दिया करता था। पुलिस को घर के बर्तनों में भी सरस्वती के शव के टुकड़े मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।

मीरा रोड पर स्थित नयानगर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, ‘हमें सरस्वती के दोनों पैर किचन में मिले। शायद मनोज उन्हें भी कुक करने जा रहा था।’ पुलिस ने कहा कि शायद सरस्वती का कत्ल 3 से 4 दिन पहले हुआ था। स्थानीय लोगों ने भी बताया कि मनोज पिछले दो-तीन दिनों से कुत्तों को कुछ खिलाता था। इससे पहले वह उन्हें कभी कुछ खाने को नहीं देता था। इससे ही शक गहरा हुआ और फिर जब घर से बदबू आई तो यह शंका और बढ़ गई। अंत में उन्होंने पुलिस को कॉल किया तो जो सच सामने आया, उससे सभी के रोंगटे खड़े हो गए।