वंदे मातरम् 150 साल — संसद में विशेष चर्चा आज
आज (8 दिसंबर 2025) Lok Sabha में 150वीं वर्षगाँठ के अवसर पर Vande Mataram को लेकर विशेष बहस हो रही है। यह बहस शीतकालीन सत्र के दौरान आयोजित की गई है। बहस की शुरुआत दोपहर 12 बजे Narendra Modi करेंगे। कुल 10 घंटे के लिए चर्चा तय की गई है, जिसमें सरकार और विपक्ष दोनों भाग लेंगे। वंदे मातरम् की रचना 1875 में हुई थी, और यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशभक्ति का प्रमुख प्रतीक बना। इसे पहली बार प्रकाशित किया गया था, और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसे आज़ादी की लड़ाई का एक जन-आह्वान माना जाता था।सरकार का कहना है कि 1937 में Indian National Congress ने वंदे इस बहस में यह सवाल फिर से उठेगा कि क्या वंदे मातरम् को आज भी उसी भाव-भूमि में देखा जाना चाहिए, और क्या इसे राष्ट्रीय पहचान के प्रतीक के रूप में पुनर्जीवित किया जाए।वंदे मातरम् का ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका।उसके धार्मिक या सांप्रदायिक स्वरूप पर बहस — क्या इसे सार्वभौमिक राष्ट्रीय गीत माना जा सकता है।आधुनिक भारत में राष्ट्रीय एकता, पहचान व सांस्कृतिक विरासत के संदर्भ में इसके महत्व का पुनर्मूल्यांकन।

