बिहार में मकर संक्रांति के बाद कैबिनेट विस्तार की तैयारी
26..दिसंबर..पटना: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी कैबिनेट का विस्तार करने की तैयारी में हैं। खबरों के अनुसार, मकर संक्रांति (14 जनवरी) के बाद नई कैबिनेट की घोषणा की जा सकती है। वर्तमान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में 10 मंत्री पद खाली हैं, जिन्हें जल्द ही भरा जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विस्तार कई पुराने और नए चेहरों को शामिल करने के साथ-साथ राजनीतिक संतुलन बनाए रखने का भी प्रयास होगा। खाली पड़े मंत्री पदों में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक समूहों के प्रतिनिधियों को जगह दी जा सकती है। इससे न केवल शासन की कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि बिहार की राजनीति में गठबंधन और सहयोगियों के बीच संतुलन बनाए रखना भी आसान होगा।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य के विकास, सामाजिक न्याय और पार्टी के संगठनात्मक हितों को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों का चयन करेंगे। वहीं, यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ युवा और नए नेताओं को भी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है, जिससे उन्हें राजनीतिक अनुभव प्राप्त हो और सरकार की नीतियों में नई ऊर्जा आए।
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि कैबिनेट विस्तार से पहले पार्टियों के बीच राजनीतिक समीकरणों पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय और पार्टी नेतृत्व के स्तर पर संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार की जा रही है।
राज्य सरकार के करीबी सूत्रों ने बताया कि मकर संक्रांति के बाद कैबिनेट विस्तार की घोषणा की संभावना है, जिससे राज्य सरकार की कार्यशैली में नई गति आएगी और विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक समूहों को भी संतुष्ट किया जा सकेगा। ऐसे में जनता की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं कि नए मंत्रियों के आने से विकास कार्य और योजनाओं की गति तेज होगी।
बिहार में राजनीतिक विश्लेषक इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जिम्मेदारी और सत्तासंतुलन बनाए रखने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। आगामी कैबिनेट विस्तार को लेकर सभी की नजरें मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय पर लगी हुई हैं।

