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फर्जी प्रमाणपत्र पर ली थी नौकरी, पांच अधिकारियों पर कसा शिकंजा

फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र में इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई की सिफारिश

वंदे भारत– राजनीतिक रसूख और पैसे के दम पर फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी प्राप्त करने वाले अधिकारियों पर पंजाब सरकार अब सख्त हो गई है। सरकार के सामाजिक सुरक्षा स्त्री व बाल विकास विभाग ने ग्रामीण व पंचायत विभाग, डीसी बठिंडा व मानसा के अलावा नगर सुधार ट्रस्ट बरनाला के चेयरमैन को इन आरोपित पांच अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की सिफारिश र की है। पूरी तरह से स्वस्थ होने के बावजूद आरोपितों ने अपने जिलों के बजाय अन्य जिलों के भ्रष्ट डाक्टरों से मिलीभगत कर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाए।
समाजिक सुरक्षा स्त्री व बाल विकास विभाग के निदेशक ने ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग के निदेशक के अलावा बठिंडा व मानसा के डीसी को इन आरोपितों के फर्जी प्रमाण पत्रों को रद कर इन आरोपितों पर धोखाधड़ी, साजिश • रचने आदि धाराओं के तहत केस दर्ज करने को कहा है।
सुखजीत सिंह बराड़ : श्री मुक्तसर साहिब जिले के गांव काउनी निवासी सुखजीत सिंह बराड़ कानूनगो भर्ती हुए। वर्तमान में वह बठिंडा में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हैं और वीआरएस लेने की तैयारी में हैं।


बलजीत कुमार कांसल : कांसल द्वारा श्री मुक्तसर साहिब जिले के मलोट का फर्जी पता दिया गया और नगर सुधार ट्रस्ट कोटकपूरा में सीधी भर्ती से जेई का पद  हासिल किया। मौजूदा समय में आरोपित बरनाला के नगर सुधार ट्रस्ट में इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। कांसल द्वारा बहरा होने का प्रमाण पत्र देकर नौकरी प्राप्त की गई थी, लेकिन जब इसकी शिकायत सरकार को प्राप्त हुई तो दोबारा मेडिकल कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार वह एक प्रतिशत भी बहरे नहीं हैं।


अवतार सिंह चट्ठा : बठिंडा जिले के गांव चट्ठेवाला निवासी अवतार सिंह चट्ठा द्वारा अपने पैर टेढ़े होने का सर्टीफिकेट देकर सीधी भर्ती से कानूनगो पद हासिल किया। मौजूदा समय में वह रामपुरा फूल में नायब तहसीलदार पद पर तैनात हैं। जब चिट्ठा के फर्जी प्रमाण पत्र की शिकायत सरकार को की गई तो पीजीआइ के डाक्टरों का बोर्ड गठित कर दिया गया। पीजीआइ के डाक्टरों के बोर्ड द्वारा उसको मेडिकल के लिए बुलाया, लेकिन दोनों बार ही वह मेडिकल कराने के लिए उपस्थित नहीं हुए |

जगतार सिंह ढिल्लों: बठिंडा जिले के गांव घुद्दा निवासी जगतार सिंह ढिल्लों सीधी भर्ती से पंचायत विभाग में सामाजिक शिक्षा व पंचायत अफसर (एसईपीओ) भर्ती हुए। मौजूदा समय में वह बरनाला जिले के सहना ब्लाक में बीडीपीओ कम कार्यसाधक अधिकारी पद पर तैनात हैं। वह अकाली सरकार व कांग्रेस सरकार के समय वित्त मंत्री रहे मनप्रीत बादल का ओएसडी रहे हैं|
रनवीर सिंह: बठिंडा जिले के गांव दयालपुरा वासी रनवीर सिंह जालंधर में सीधी भर्ती से पटवारी नियुक्त हुए •थे। मौजूदा समय में वह बरेटा में नायब तहसीलदार के पद पर है। मामले की जांच की गई तो पाया गया कि रनवीर सिंह की लात में नाममात्र की खराबी है, लेकिन डाक्टरों से मिलीभगत कर उन्होंने फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाया |

 

शिकंजा -सामाजिक सुरक्षा स्त्री एवं बाल विकास विभाग
-इनमें एक अधिकारी अकाली व कांग्रेस सरकार में मनप्रीत बादल का ओएसडी भी रह चुका है|

डीसी बोले, जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई
बठिंडा के डीसी शौकत अहमद परे का कहना है कि मामले में हमें पत्र प्राप्त हुआ है। इसकी जांच की जा रही है। अगर किसी ने गलत ढंग से नौकरी हासिल की है तो उस पर बनती कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए कायदा सभी नियमों को अच्छे से जांचा जाएगा |