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झूठ का ‘राज’ या ठगी की ‘नीति’, ED व IT करेगी कांग्रेस नेताओं की आय के स्त्रोत की जांच

वंदे भारत– पंजाब विधानसभा चुनाव-2022 से पहले कांग्रेस नेताओं से टिकट के नाम पर ठगी मामले में जांच एजेंसियां अब नेताओं के पास कैश में इतना पैसा कहां से आया और उनकी आय का स्त्रोत क्या था, इसकी जांच की तैयारी कर रही हैं। ठगी मामले में तत्कालीन कांग्रेस नेता कुलवंत सिंह सिद्धू ने स्वीकार किया था कि उन्होंने 2.56 करोड़ रुपये अलग-अलग किस्तों में कैश दिए थे।

इसी तरह अन्य नेताओं ने भी कैश देने की बात कही थी। पुलिस का फोकस अभी सिर्फ ठगी पर केंद्रित है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) व आयकर विभाग की नजर इस बात पर है कि इन नेताओं के पास इतना कैश कहां से आया।

भाजपा और शिअद ने की जांच की मांग

वहीं, इस मामले में अब विपक्षी दल भी सामने आ गए हैं। शिरोमणि अकाली दल एवं भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में आयकर विभाग से जांच की मांग की है। भाजपा और शिअद नेताओं का कहना है कि जिस तरह से कांग्रेस कार्यकर्ता रहते हुए आम आदमी पार्टी विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू द्वारा टिकट के लिए पैसे देने का मामला उजागर हुआ था, उस पर दोनों दल चुप हैं।


कुलवंत सिंह सिद्धू के पास कहां से आया करोड़ों का कैश

भाजपा के प्रदेश महासचिव जीवन गुप्ता का कहना है कि अकेले कुलवंत सिंह सिद्धू ही क्यों शहर के छह विधायक कांग्रेस पृष्ठभूमि के हैं। कांग्रेस में पैसे देकर टिकट लेने की परंपरा का पर्दाफाश हुआ है। अगर कुलवंत सिंह सिद्धू ने 2.56 करोड़ रुपये दिए हैं तो इसकी जांच होनी चाहिए कि उनके पास इतना कैश आया कहां से था। इसकी तो आयकर विभाग से जांच होनी चाहिए थी। जब आपराधिक मामला दर्ज हुआ तब सरकार कांग्रेस की जरूर थी, लेकिन जब मामले की जांच हुई है तब तो सरकार आम आदमी पार्टी की ही थी तो इसकी जांच क्यों आयकर विभाग से नहीं करवाई गई है।

बेहद गंभीर मामला- शिअद

अकाली दल के वरिष्ठ नेता महेश इंदर सिंह ग्रेवाल का कहना है कि यह बेहद गंभीर मामला है और इस पर जरूर चर्चा होनी चाहिए थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान को इस पर खुद संज्ञान लेना चाहिए था। जब दैनिक जागरण के माध्यम से मुद्दा उठा है तो सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए। भले मामला अदालत में विचाराधीन है, फिर भी कुलवंत सिंह सिद्धू ने बयान दर्ज करवाए हैं और वह इस मामले में गवाह भी हैं, इसलिए सरकार को इस पर गंभीरता दिखानी चाहिए, क्योंकि भगवंत मान हर दूसरे दिन विरोधी पार्टियों के नेताओं की ईमानदारी और राजनीति पर लगातार सवाल उठाते आ रहे हैं।

राहुल गांधी और प्रशांत किशोर के नाम पर ठगा

बता दें, वर्ष 2021 में थाना डेहलों पुलिस ने एक आपराधिक मामला दर्ज कर इसकी जांच करवाई थी, जिसमें सामने आया था कि चुनाव में टिकट देने के लिए राहुल गांधी और प्रशांत किशोर के नाम पर अमृतसर के तीन आरोपितों ने पंजाब ही नहीं बल्कि दूसरे अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस नेताओं से 30 करोड़ रुपये की ठगी की।