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बच्ची को बचाते हुए सिख किसान ने गंवाई थी जान, अब मिला अमेरिका का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान

वंदे भारत- हीरो बनने के लिए जरूरी नहीं आपके पास सुपर पावर्स हों और आप एक स्पेशल सूट में हवाई यात्रा करें। आपके अंदर की इंसानियत ही आपको हीरो बनाती है। 2020 में एक 31 साल के सिख ने अपनी दरियादिली से लोगों का दल जीत लिया।

सिख किसान ने कैलिफॉर्निया में एक 8 साल की बच्ची को अपनी जान की परवाह किए बिना बचाने की कोशिश की थी। हालांकि इस साहसिक काम के दौरान उन्होंने अपनी जान गंवा दी। इस घटना के तीन साल बाद अब उन्हें नॉर्थ अमेरिका के सबसे बड़े नागरिक सम्मान Carnegie Hero Award से सम्मानित किया जा रहा है।

समांथा की हो गई थी मौत

5 अगस्त 2020 को फ्रेस्नो में रह रहे मनजीत सिंह ने समांथा क्रुज पेड्रो को रिडली में स्थित किंग्स रिवर में डूबने से बचाने की कोशिश की थी। दरअसल नदी में खेलते हुए समांथा अपने ग्रुप से बिछड़ गई और नदी के बहाव की ओर बहने लगी। वो तैरने की लगातार जद्दोजहद कर रही थी। मनजीत को तैरना नहीं आता था इसके बावजूद उन्होंने नदी में छलांग लगा दी। मनजीत ने अपनी पगड़ी उतारी, उसे लाइफलाइन की तरह इस्तेमाल किया और गर्दन तक पानी में उतर गया। इसकी थोड़ी देर बाद लोगों को मनजीत का दिखना भी बंद हो गया। एक आदमी को समांथा मिल गई और वो उसे अस्पताल भी ले गया। हालांकि अस्पताल में 6 दिनों के बाद ही उसकी मौत हो गई।

अब मिला मनजीत सिंह को सम्मान

बाद में मनजीत सिंह नदी के बहाव की ओर बिना किसी हरकत के पाए गए। लोगों ने उन्हे जिंदा करने की भरपूर कोशिश की लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई। इस साल मृत लोगों के परिजनों को Carnegie Hero Fund Commission की ओर से ग्रांट दी जाएगी। Carnegie मेडल यूएस से लेकर कनाडा के उन नागरिकों को दिया जाएगा जिन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए दूसरों की जान बचाने की कोशिश की थी। 1904 से लेकर अभी तक Carnegie मेडल कुल 10,371 लोगों को दिया जा चुका है।