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अमेरिका और चीन को पीछे छोड़ भारत बना नंबर-1,जी20 देशों के उड़े होश

वंदे भारत-जी20 देशों की मीटिंग से पहले भारत के लिए बड़ी खबर सामने आई है. इस खबर से अमेरिका की नींद हराम हो गई है, वहीं दूसरी ओर मीटिंग में नहीं आ रहे शी जिनपिंग के भी होश फाख्ता हो गए हैं. जी हां, इन दोनों देशों को पछाड़कर भारत नंबर-1 बन गया है. वास्तव में ग्लोबल शेयर मार्केट में भारत ने अपनी बादशाहत कायम करते हुए अमेरिका और चीन के शेयर बाजारों को पीछे छोड़ दिया है. रिटर्न देने के मामले में भारत का शेयर बाजार नंबर-1 के पायदान पर पहुंच गया है.
दुनिया के बड़े बाजारों में शुमार इंडियन स्टॉक मार्केट ने निवेशकों को बीते 10 सालों में करीब 11 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि चीन और अमेरिका के बाजारों का रिटर्न भारत के मुकाबले काफी कम है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर अमेरिका और चीन के साथ दुनिया के बाकी बाजारों ने निवेशकों को कितना रिटर्न दिया है.

भारतीय शेयर बाजार ने तीन साल, पांच साल और 10 साल के बेस पर दुनिया के प्रमुख बाजारों से बेहतर प्रदर्शन किया है.

एएसके इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, निफ्टी लार्ज कैप इंडेक्स ने पिछले 10 सालों में 10.9 फीसदी का एनुअल रिटर्न दिया है, जबकि अमेरिकी इंडेक्स का 6 फीसदी और चीन के बाजार का 2.7 फीसदी का रिटर्न है.
बीते पांच सालों की बात करें तो भारतीय बाजारों ने निवेशकों को 18.8 फीसदी का एनुअल रिटर्न है. वहीं यूएस का 6.9 फीसदी, जापान इंडेक्स का 12.1 फीसदी और यूएस इंडेक्स का 7.6 फीसदी रहा.
पिछले ती सालों में भारतीय बाजारों का वार्षिक रिटर्न 6.1 फीसदी रहा, जो यूएस, यूके इंडेक्सेस से ज्यादा और इंडोनेशियाई बाजार के 6.3 फीसरी से थोड़ा ही कम है

रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा कैलेंडर ईयर सामान्य तौर पर मार्केट के लिए काफी मजबूत रहा है. लार्ज कैप इंडेक्स (निफ्टी) ने निवेशकों को मौजूदा साल में अभी तक 6 फीसदी का रिटर्न दिया है.
मिडकैप इंडेक्स (बीएसई मिडकैप इंडेक्स) और स्मॉल कैप इंडेक्स (बीएसई स्मॉल कैप इंडेक्स) ने क्रमशः 23 फीसदी और 27 फीसदी का रिटर्न दिया है.
ऐसा नहीं है कि भारत भी पिछड़ा नहीं है. अलग-अलग टेन्योर में जर्मनी, फ्रांस, मैक्सिको, जापान सहित दूसरे देशों ने भारत की तुलना में ज्यादा रिटर्न दिया है.
वहीं दूसरी ओर भारत ने लांग टर्म में ज्यादा रिटर्न दिया है. 3/5/10 वर्षों के बेस पर भारत का प्रदर्शन दूसरे बाजारों की तुलना में बेहतर रहा है

इस रिपोर्ट ने भी दिखाई थी भारत की ताकत

इस साल की शुरुआत में, डीएसपी एसेट मैनेजर्स ने अपनी नेट्रा जून 2023 की रिपोर्ट ‘अर्ली सिग्नल्स थ्रू चार्ट्स’ में खुलासा किया कि पिछले 123 वर्षों में, भारतीय शेयर बाजार ने 6.6 प्रतिशत का रियल रिटर्न दिया है, जो अमेरिका और चीन के बाजारों के साथ-साथ विश्व इक्विटी बाजारों द्वारा भी दिए गए रिटर्न से अधिक है. इसका मतलब यह है कि भारत ने वर्ष 1900 के बाद से निवेशकों की दौलत को 6.6 फीसदी सीएजीआर से बढ़ाई है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा 6.4 फीसदी सीएजीआर और चीन के 3.3 फीसदी से ज्यादा है

भारतीय शेयर बाजार के बेहतरीन प्रदर्शन की वजह

भारत का लांग पीरियड परफॉर्मेंस हाई रियल ग्रोथ रेट के साथ-साथ मजबूत और स्टेबल डॉमेस्टिक मैक्रो-इकोनॉमिक सिनेरियो की वजह से है. भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख इकोनॉमी बना हुआ है और 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की उम्मीद है.
भारत की रियल जीडीपी 2022-23 में 7 फीसदी से ज्यादा थी और 2023-24 में 6 प्रतिशत से अधिक रहने की उम्मीद है. भारत की विकास दर अधिक स्ट्रक्चरल है और समय के साथ यह डॉमेस्टिक मैक्रो पर बाहरी ग्लोबल मैक्रो अनिश्चितताओं के प्रभाव को कम करने में कामयाब रहा है.
भारत के विकास में मजबूत डेमोग्राफी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. युवा और बढ़ती आबादी के साथ, भारत कंप्टीटिव बेनिफिट लेने के लिए तैयार है. 2030 तक देश में वर्किंग पॉपुलेशन भी सबसे ज्यादा होगी.
पहली तिमाही के नतीजे लगातार मजबूत कॉर्पोरेट प्रदर्शन की ओर इशारा करते हैं. निफ्टी ने साल-दर-साल 30 फीसदी से ज्यादा टैक्स के बाद प्रॉफिट में इजाफा हुआ है