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फर्जी कॉल सेंटर का पर्दा फार्श, 2 महिलाओं समेत कुल 18 आरोपियों को किया गिरफ्तार

वन्दे भारत 24 : नोएडा के थाना फेस-3 पुलिस और क्राइम रिस्पॉन्स टीम ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का पर्दा फार्श किया है। जो विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों की ठगी को अंजाम दे रहा था. पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं समेत कुल 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी के अनुसार आरोपी सेक्टर-63 में एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे. यह गिरोह गूगल ऐप के जरिए विदेशी नागरिकों का निजी डाटा खरीदता था, फिर उनके कंप्यूटर में वायरस भेजकर उन्हें कॉल करता था. खुद को माइक्रोसॉफ्ट टेक्निकल सपोर्ट का एजेंट बताकर आरोपी अल्ट्रा व्यूअर या टीम व्यूअर जैसे रिमोट ऐप्स डाउनलोड करवाते थे, जिससे वे पीड़ित के सिस्टम का कंट्रोल ले लेते थे । इसके बाद पीड़ित को डराया जाता था कि उसका बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड या निजी डाटा हैक हो गया है. जब पीड़ित इन बातों की पुष्टि करने में जुटता तब आरोपी स्क्रीनशॉट ले लेते और मनोवैज्ञानिक दबाव डालकर फिक्सिंग के नाम पर जीले ऐप, बिटकॉइन या क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से मोटी रकम वसूलते थे।

आरोपियों के पास से फर्जी माइक्रोसॉफ्ट आईडी कार्ड, 23 लैपटॉप, 25 मोबाइल फोन, 27 चार्जर, 23 माउस, 17 पेन ड्राइव और फर्जी बरामद किए गए हैं. कॉल सेंटर से जुड़ी डिजिटल डिवाइसेज की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। सेंट्रल नोएडा डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि यह गिरोह अमेरिकी टेक्नोलॉजी वेंडर्स के संपर्क में भी था जो उन्हें नागरिकों का डाटा मुहैया कराते थे. प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह नेटवर्क काफी व्यवस्थित और तकनीकी रूप से दक्ष था।

फर्जी कॉल सेंटरों के जरिए हो रही अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी की यह घटना बेहद गंभीर है। पुलिस की सतर्कता से एक बड़ा साइबर ठग गिरोह पकड़ में आया है, जिसने भारत की छवि को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचाया। इस मामले में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं, और पुलिस इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है।

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