गोल्डन टेंपल में गनमैन के साथ AAP विधायक, वल्टोहा बोले- अहंकार में बड़ा गुनाह; बवाल
गोल्डन टेंपल में गनमैन के साथ AAP विधायक,
वल्टोहा बोले- अहंकार में बड़ा गुनाह; बवाल
वंदे भारत- पंजाब में आम आदमी पार्टी की विधायक बलजिंदर कौर के गोल्डन टेंपल जाने को लेकर बड़ा बवाल हो गया है. आरोप है कि आप विधायक अपने गनमैन के साथ मंदिर में घुसी थी. उस समय गनमैन ना केवल वर्दी में थे, बल्कि हथियार भी लिए हुए थे.

इसे स्वर्ण मंदिर की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए शिरोमणि अकाली दल ने बवाल खड़ा कर दिया है. पार्टी के नेता विरसा सिंह वल्टोहा ने आप विधायक के मंदिर में घुसने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए आपत्ति की है. इस संबंध में उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC)को पत्र लिखकर विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वल्टोहा ने अपने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा है कि सरकार के अहंकार में विधायक ने गुनाह-ए-अजीम किया है. उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि यह अहंकार में किया गया बहुत बड़ा गुनाह है. यह गुनाह ऐसा है जिसमें सीधे सीधे स्वर्ण मंदिर की शान में गुस्ताखी की गई है.
ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद तय हुई मर्यादा
बता दें कि 1984 में केंद्र में इंदिरा गांधी की सरकार ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लू स्टार को अंजाम दिया था. इस घटना के बाद ही अकाल तख्त ने मौखिक तौर पर नियम बनाया था कि अब किसी भी परिस्थिति में मंदिर के अंदर वर्दी धारी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. इसी के साथ तय हुआ था कि कोई भी व्यक्ति हथियार लेकर मंदिर में नहीं जाएगा. उसी समय से इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन भी किया जाता है.

आप विधायक ने तोड़ा नियम
अब पहली बार ऐसा हुआ है कि आम आदमी पार्टी की विधायक बलजिंदर कौर ने सभी नियमों को दरकिनार करते हुए स्वर्ण मंदिर की शान में गुस्ताखी की है. वल्टोहा ने बताया कि विधायक बलजिंदर कौर और उनके पति नए साल पर माथा टेकने के लिए स्वर्ण मंदिर पहुंचे थे. मंदिर में उनके साथ आम आदमी पार्टी के नेता सुखराज सिंह बल के अलावा इनके गनमैन भी वर्दी में थे और हथियार भी लिए हुए थे. यह सीधे तौर पर स्वर्ण मंदिर की मर्यादा का उल्लंघन है.
मंदिर में ड्यूटी से बचती है पंजाब पुलिस
दरअसल स्वर्ण मंदिर में मुख्यमंत्री या किसी भी अन्य वीवीआईपी के आने के दौरान भी पुलिस की ड्यूटी लगती है. हालांकि इस ड्यूटी में आने वाले पुलिसकर्मी खाकी में नहीं होते, उन्हें सादी वर्दी में या सफेद शर्ट और काली पैंट में आना होता है. ऐसे में पंजाब पुलिस अपने कर्मचारियों को स्वर्ण मंदिर परिसर के अंदर तैनात करने से परहेज करती है. मंदिर के सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी परिसर में तो होते हैं, लेकिन अंदर नहीं जाते.

