केजरीवाल के बाद शराब घोटाले में कैलाश गहलोत का नंबर आया, ED ने भेजा पेशी का समन

वंदे भारत(हर्ष शर्मा) दिल्ली के तथाकथित शराब घोटाला मामले में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के एक और नेता का नंबर आ गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से लेकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह तक पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।इनके बाद आम आदमी पार्टी के एक और नेता कैलाश गहलोत की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। केंद्रीय एजेंसी ईडी ने कैलाश गहलोत को समन जारी कर दिया है।
प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में आम आदमी पार्टी के नेता कैलाश गहलोत समन जारी किया है। ईडी ने कैलाश गहलोत को शनिवार को पूछताछ के लिए बुलाया है। कैलाश गहलोत अभी दिल्ली के गृह और परिवहन मंत्री हैं।
कैलाश गहलोत को समन पर AAP ने क्या कहा?
मंत्री कैलाश गहलोत को नोटिस पर आम आदमी पार्टी की तरफ से पहली प्रतिक्रिया भी सामने आई है। AAP विधायक दिलीप पांडेय कहते हैं- ‘अब ऐसी स्तिथि है कि ED समन ना भेजे तो आश्चर्य होगा। ED अभी तक सबूत के नाम पर एक कागज नहीं दिखा पाई है। वसूली का एक पैसा नहीं दिखा पाई है।’
क्यों आया कैलाश गहलोत का नाम ?
ईडी ने अदालत में कैलाश गहलोत का जिक्र किया था। ईडी के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बगल हो रहता था, जो कैलाश गहलोत को अलॉट हुआ था। ईडी बताती है कि विजय नायर आम आदमी पार्टी और साउथ ग्रुप के बीच बिचौलिए का काम कर रहा था। विजय नायर केजरीवाल और के कविता के लिए काम कर रहा था।उसकी साउथ ग्रुप में मिडिल मैन की भूमिका थी। आरोप हैं कि केजरीवाल ने साउथ ग्रुप को फायदा पहुंचाने के बदले में उनसे कथित तौर पर रिश्वत मांगी। केजरीवाल ने साउथ ग्रुप से किकबैक मांगा और उसी हिसाब से पॉलिसी में चेंज किए।
ईडी ने अदालत में पिछले दिनों कहा था- ‘विजय नायर, केजरीवाल का दाहिना हाथ था। वो केजरीवाल के लिए कीकबैक इकट्ठा करता था। पॉलिसी लागू कराना और जो ना माने उसे धमकाने का काम करता था।’ केंद्रीय एजेंसी ईडी दिल्ली के तथाकथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच कर रही है। इसी केस में पिछले दिनों मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने गिरफ्तार किया था। अरविंद केजरीवाल को ईडी ने धनशोधन मामले में 21 मार्च को गिरफ्तार किया था।

