केन्या गर्ल्स स्कूल में आग: बोर्डिंग स्कूल में भीषण हादसा, 16 छात्राओं की मौत, 70 से अधिक घायल
केन्या गर्ल्स स्कूल में आग की एक दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अफ्रीकी देश केन्या में स्थित एक गर्ल्स बोर्डिंग स्कूल के हॉस्टल में देर रात भीषण आग लग गई, जिसमें कम से कम 16 छात्राओं की मौत हो गई। वहीं 70 से अधिक छात्राएं घायल हो गईं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।




केन्या के Utumishi Girls Academy में हुआ हादसा
यह दर्दनाक हादसा केन्या की राजधानी नैरोबी (Nairobi) से लगभग 120 किलोमीटर दूर गिलगिल क्षेत्र में स्थित Utumishi Girls Academy में हुआ। जानकारी के अनुसार, रात करीब 1 बजे छात्राओं के हॉस्टल में अचानक आग भड़क उठी। उस समय हॉस्टल में 220 से अधिक छात्राएं सो रही थीं।
आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा हॉस्टल धुएं और लपटों की चपेट में आ गया। छात्राओं को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका, जिसके कारण कई बच्चियां अंदर ही फंस गईं।
जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदीं छात्राएं
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग से बचने के लिए कई छात्राओं ने हॉस्टल की ऊपरी मंजिलों से छलांग लगा दी। इस दौरान कई छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। एक परिजन ने बताया कि उनकी रिश्तेदार छात्रा आग से तो बच गई, लेकिन ऊंचाई से कूदने के कारण उसकी टांग टूट गई।
हादसे के समय स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल था। कई छात्राएं रोती-बिलखती नजर आईं, जबकि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए राहत और बचाव कार्य चलाया गया।
केन्या सरकार ने शुरू की जांच
घटना के बाद केन्या के गृह मंत्री Kipchumba Murkomen मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखें।
अधिकारियों ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, लेकिन इसके कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने इलाके को घेरा
हादसे के बाद पुलिस ने पूरे स्कूल परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। केवल छात्राओं के माता-पिता और अधिकृत लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की असली वजह सामने आ सकेगी।
घायल छात्राओं को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। कई छात्राओं की हालत गंभीर बताई जा रही है।
केन्या में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
केन्या में स्कूलों और बोर्डिंग हॉस्टलों में आग लगने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कई शिक्षण संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जाता। कई स्कूलों में आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण और आपातकालीन निकास व्यवस्था भी नहीं होती।
पिछले दो दशकों में स्कूलों में लगी आग की घटनाओं में 100 से अधिक बच्चों की जान जा चुकी है। इससे पहले वर्ष 2001 में केन्या के मचाकोस क्षेत्र में एक हॉस्टल में लगी आग में 67 छात्रों की मौत हो गई थी। वह हादसा आज भी लोगों के जहन में ताजा है।
स्कूल सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
केन्या गर्ल्स स्कूल में आग की इस ताजा घटना ने एक बार फिर स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सभी बोर्डिंग स्कूलों में अग्नि सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
इस हादसे ने न केवल पीड़ित परिवारों को गहरा दुख दिया है, बल्कि पूरे देश को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

