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लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा और आप, ग्रामीण लोगों की नब्ज टटोलेगी पार्टियां

वंदे भारत- लोकसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। संगठन के साथ-साथ राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने क्षेत्रों को चिन्हित करने में जुटे हैं। पंजाब में भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी की नजर गांव पर टिकी हुई है। भाजपा जहां केंद्र की मोदी सरकार के 9 वर्ष पूरे होने को लेकर शहर और गांव में महासंपर्क अभियान चला रही हैं और इसके बाद ड्रग्स को लेकर एक जागरूकता अभियान की तैयारी कर रही हैं।

वहीं, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने भी ‘गांव-सरकार मिलनी’ के जरिये ग्रामीण लोगों की नब्ज टटोलने की तैयारी कर ली हैं। दोनों ही राजनीतिक पार्टियों की नजर इसलिए भी गांव पर हैं क्योंकि 117 विधान सभा सीटों में से 67 के करीब सीटें ऐसी हैं जोकि ग्रामीण हैं। भारतीय जनता पार्टी पहली बार अकेले लोक सभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं। भले ही पंजाब में भाजपा का आधार रहा हो, लेकिन शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ते हुए भाजपा कभी भी ग्रामीण सीटों पर नहीं लड़ी थी।


ड्रग्स को लेकर भाजपा का अभियान होगा शुरू

भाजपा यह मान रही हैं कि लोकसभा में अच्छा प्रदर्शन तभी हो सकता है जब ग्रामीण मतदाता उनके साथ चले। भाजपा जहां गांव में अपनी पैठ को बढ़ा रही हैं। वहीं, भाजपा ने ड्रग्स को लेकर एक जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी कर ली हैं। इस अभियान को चलाने के निर्देश खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी ‘गांव-सरकार मिलनी’ करने की घोषणा कर दी हैं।

गांवों में जाएगी आप सरकार

‘गांव-सरकार मिलनी’ के जरिये आप सरकार गांव-गांव में जाकर ग्रामीण लोगों की नब्ज को टटोलेगी। सरकार समय रहते इसलिए भी गांव की तरफ रुख कर रही हैं क्योंकि 2022 के विधान सभा चुनाव में भले ही आप के 92 विधायक जीत कर आए लेकिन वह परिस्थिति अलग थी। पंजाब की जनता कांग्रेस की खींचतान से दुखी और शिरोमणि अकाली दल से खिन्न थी। आप को भी पता हैं कि लोक सभा चुनाव में तस्वीर अलग होती हैं। 2014 में आप के 4 सांसद थे। जबकि 2019 में भगवंत मान एक मात्र ऐसे उम्मीदवार थे जोकि जीत कर सांसद गए। संगरूर उप चुनाव हारने के बाद आप ने भले ही जालंधर उप चुनाव में जीत हासिल कर लोक सभा में एक सदस्य को भेजने में कामयाब रही। सरकार की असली परीक्षा 2024 के आम लोक सभा में होनी हैं। इसलिए आप की नजर अब ग्रामीण क्षेत्रों पर हैं और गांव सरकार मिलनी के जरिये सरकार आसानी से ग्रामीण लोगों की नब्ज को टटोल सकती हैं।