प्रदूषण नियंत्रण और यमुना सफाई पर BJP सरकार के कदम
5..JAN..दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण और यमुना नदी की सफाई को लेकर भाजपा सरकार की भूमिका पर विधानसभा में चर्चा हुई। शीतकालीन सत्र के दौरान दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने बताया कि भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने बीते 10 महीनों में जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
उपराज्यपाल के अनुसार, यमुना की सफाई के लिए बहुस्तरीय कार्ययोजना पर काम हो रहा है। इसमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की क्षमता बढ़ाना, नालों के पानी को बिना उपचार के नदी में गिरने से रोकना और औद्योगिक अपशिष्ट पर सख्त निगरानी शामिल है। उन्होंने बताया कि कई पुराने STP को अपग्रेड किया गया है और नए प्लांट लगाने की प्रक्रिया भी तेज की गई है।
प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एलजी ने कहा कि वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए निर्माण गतिविधियों पर नियंत्रण, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, हरित क्षेत्र विकसित करने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने जैसे कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
हालांकि, उपराज्यपाल ने यह भी स्वीकार किया कि प्रशासनिक और संरचनात्मक चुनौतियां अभी बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र, राज्य और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर तालमेल से ही स्थायी समाधान संभव है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में यमुना की स्थिति में स्पष्ट सुधार दिखे और दिल्लीवासियों को स्वच्छ पर्यावरण मिल सके।

