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सरकारी स्कूल की छत गिरने के मामले में भाजपा नेता अनमोल रतन पर केस दर्ज, एक टीचर की हुई थी मौत

वंदे भारत – मुलंलापुर में सरकारी स्कूल की छत गिरने से एक टीचर की मौत और तीन टीचर्स के घायल होने के मामले में पुलिस ने ठेकेदार और भाजपा नेता जगरांव निवासी अनमोल रतन पर केस दर्ज कर लिया है। उस पर धारा 304 के तहत केस दर्ज किया गया है।
अनमोल की माता सरिता रानी कतियाल लंबे समय तक जगरांव की भाजपा की काउंसलर रही हैं। वहीं अनमोल भाजपा युवा मोर्चा का नेता है।फिलहाल आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।


गौरतलब है कि बुधवार को सरकारी स्कूल में कुछ टीचर स्कूल के कमरे में बैठे हुए थे। तभी दूसरी मंजिल से लैंटर के गिरने की वजह से छत गिर गई। इससे तीन टीचर बुरी तरह से घायल हो गए जबकि शिक्षिका रविंद्रपाल कौर की मौत हो गई थी। प्रशासन ने देर रात ही मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए थे। साथ ही आरोपी पर केस दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की थी। फिलहाल पुलिस थाना मुल्लांपुर ने ठेकेदार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जर्जर होने के बावजूद असुरक्षित घोषित नहीं की गई थी स्कूल की बिल्डिंग
बद्दोवाल सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल की बिल्डिंग को अपग्रेड करने के साथ इसकी दूसरी मंजिल का लेंटर ठीक करने का काम चल रहा था, लेकिन जर्जर होने के बावजूद इस इमारत को असुरक्षित घोषित नहीं किया गया था। पिछले करीब चार से छह महीने से उक्त निर्माण कार्य चल रहा था। कुछ क्लास रूम खाली करवा कर दूसरी जगह शिफ्ट कर दिए गए थे।
हैरानी की बात यह है कि ऊपरी मंजिल का डाट का लेंटर (गार्डर बाले का लेंटर) खराब हो चुका था और जो पक्का लेंटर था, उसमें भी दरारें पड़ चुकी थी। इसके साथ साथ कई दीवारों पर भी दरारें थीं। ऊपर और नीचे के कमरे भी खाली करवा दिए गए थे। अब सवाल यह उठता है कि अगर बिल्डिंग की हालत इतनी खराब थी तो उसे असुरक्षित घोषित क्यों नहीं किया गया। सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने भी सवाल खड़े किए हैं। अब इस सवाल पर अधिकारी एक दूसरे पर बातें थोप रहे हैं।

बिल्डिंग के फर्श से ईंटें उखाड़ दीवारों पर सजाईं
बिल्डिंग पहले से ही कमजोर थी और फर्श पर लगी ईंटों को उखाड़ कर दीवार पर ही लगा दिया। हजारों ईंटें उखाड़ी गईं और दीवारों पर ढेर लगा दिया। बिल्डिंग पर वजन कम नहीं हुआ और लेंटर गिर कर पहली मंजिल के लेंटर को भी ले गया। इतना बड़ा निर्माण कार्य चल रहा है और किसी भी कमरे में लेंटर को कोई सपोर्ट तक नहीं दी गई।
काफी समय तक दहशत में रहे स्कूली बच्चे और शिक्षक
जिस समय हादसा हुआ, उस समय स्कूल के बाकी कमरों में क्लास लग रही थी। बच्चे अपनी पढ़ाई में व्यस्त थे और अचानक से लेंटर गिरा और चीखने की आवाजें आने लगी। इसी दौरान लेंटर गिरने की सूचना मिली तो बच्चे भी बाहर आ गए। बच्चों ने अपनी किताबें और बैग वहीं छोड़े और अपनी जान बचाने के लिए बाहर की तरफ भागे।

सांसद बिट्टू ने सरकार पर साधा निशाना, अयाली ने भी खोला मोर्चा
सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के आने की सूचना मिलने के बाद डिप्टी कमिश्नर सुरभि मलिक वहां से चली गईं। आते ही सांसद ने डीसी के बारे में पूछा तो पता चला कि वह चली गईं। इसके बाद उन्होंने एसडीएम और डीईओ डिंपल मदान से सारी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वह पहले ही शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को बोल चुके थे कि वह लुधियाना में भी सरकारी स्कूलों की हालत चेक कर लें। उधर, इलाके के अकाली विधायक मनप्रीत सिंह अय्याली ने कहा कि सरकार ने काम शुरू करवाया था तो उसे चेक करना भी सरकार का काम है।